बिहार रेल हादसे में 37 की मौत, मुआवजे घोषित

समस्तीपुर रेल मंडल के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक अरुण मलिक ने बताया कि धमरा घाट पर तीन लाइनें हैं। सुबह दो लाइनों पर पैसेंजर ट्रेन खड़ी थी। इन पैसेंजर ट्रेनों से यात्री उतर कर बीच की रेल पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान इस पटरी पर राजरानी एक्सप्रेस आ गई। जिससे यह दुर्घटना घट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अभी तक राहत कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है।
मलिक ने बताया कि सहरसा से राहत ट्रेन घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई है तथा समस्तीपुर से भी अधिकारियों का दल रवाना किया गया है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार आक्रोशित लोगों ने राजरानी एक्सप्रेस में आग लगा दी, जिससे अधिकांश डिब्बे जल गए हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के लिए केवल रेल ही एक साधन है, इस कारण वरिष्ठ अधिकारियों को पहुंचने में परेशानी हो रही है। धमारा घाट स्टेशन के एक ओर कोसी नदी है, जबकि दूसरी तरफ बागमती नदी है। बताया जाता है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर कत्यायनी स्थान पर सावन के अंतिम सोमवार को मेला लगता है।
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना को दुखद बताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को बिहार सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद रेल मंत्री और रेलवे के अधिकारियों से भी बात की गई है और मृतकों के परिजनों को अधिक से अधिक मुआवजा देने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश ने यह भी कहा है कि घटना किन कारणों से हुई है, इसका पता लगाया जायेगा।












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