ओबामा की राह पर नरेंद्र मोदी, कहा Yes We Can
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी की चुनावी मशाल लेकर नरेंद्र मोदी अभी-अभी लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचे हैं। स्टेडियम में मौजूद 60 हजार लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद हैं।
मोदी ने स्टेडियम पहुंचने से पहले मोदी ने सिने कलाकार मोहन बाबू और उनकी बेटी मंच लक्ष्मी प्रसन्ना से मुलाकात की। इस मौके पर अल्लू अरविंद भी उपस्थित थे। बातचीत के दौरान मोदी ने कहा कि गुजरात की सेवा उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री नहीं की है, बल्कि देश को एक नई दिशा दिखाने के उद्देश्य से की है। स्टेडियम व आस-पास करीब 1.2 लाख लोग मौजूद हैं, जो मोदी का भाषण सुनने यहां आये हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं।
मोदी का भाषण- नरेंद्र मोदी ने तेलुगु भाषा में कहा कि ईश्वर कांग्रेस के लोगों को सद्बुद्धि दे। गुजरात और आंध्र प्रदेश का प्राचीनकाल से संबंध है। प्राचीन काल से गुजरात के स्कूलों में तेलुगु पढ़ाई जा रही है। 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद का गठन हुआ। और आप लोग इसी दिन हैदराबाद लिबरेशन डे मनाते हैं, उस दिन मुझे आपकी याद खासतौर से आती है, क्योंकि उस दिन मेरा जन्म दिन भी है।
मैं उन लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिन लोगों ने पांच रुपए देकर उत्तराखंड के दर्द को अपना समझ कर उसमें भारतीय जनता पार्टी के हिस्सेदार बने। सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी-कभी मनुष्य के जीवन के लिये बड़ी हो जाती हैं।
दिल्ली की सल्तनत में एक के बाद एक कारनामों ने हिन्दुस्तान के लोगों के मन से नेताओं के प्रति भरोसा तोड़ दिया है। यहां इतने सारे नौजवान आये हैं, लेकिन रास्ते में इससे भी डबल संख्या में नौजवान बाहर हैं। वे अंदर नहीं आ पाये हैं, मैं उन सभी से क्षमा मांगता हूं। स्टेडियम में जगह हो या नहीं हो, लेकिन मेरे दिल में आपके लिये बहुत जगह है। आप तो मुझे वीडियो और टीवी से देख रहे हैं, लेकिन मेरा सौभाग्य नहीं है कि मैं आप लोगों को यहां से नहीं देख पा रहा हूं। मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मुझे जब भी मौका मिलेगा, मैं आंध्र में दोबारा आउंगा।
पाकिस्तान की हरकत पर मोदी
मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि इसी हफ्ते पाकिस्तान की सेना के सैनिकों ने हमारे देश की रक्षा करने वाले रणबांकुरों को भून डाला, उनका मौत के घाट उतार दिया। दिल्ली की सल्तनत से हिन्दुस्तान पूछ रहा है, जब हमारे देश के जवानों के सिर काटे गये थे, तब आपने कहा था कि आप ऐसी चीजों को सहन नहीं करेंगे। पाकिस्तान एक के बाद एक जुल्म करता जा रहा है और सवा सौ करोड़ का देश चुपचाप सारी चीजें झेल रहा है। पिछले दिनों एक के बाद एक जो घटनाएं घटी हैं। देखिये किश्तवाड़ कैसे सुलग रहा है। न जाने कितनों को मारा गया है, न जारे कितनों की दुकाने व घर जलाये गये हैं। कश्मीर घाटी में तीन दशक से जो खेल चल रहा है, क्या उसका रिहर्सल किश्तवाड़ में नापाक इरादा तो नहीं है।
आज भाजपा के नेता अरुण जेटली किश्तवाड़ के पीडि़तों का हाल पूछने जा रहे थे, लेकिन वहां की सरकार ने सत्य छिपाने के लिये जुल्म की कथा को छिपाने के लिये उन्हें आगे नहीं दिया गया। सवाल किश्तवाड़ का नहीं है, सवाल यह है कि हमारे देश को सुख शांति चाहिये। सरकार हमारे देश को सुरक्षा नहीं दे पा रही है। वोट बैंक की राजनीति में डूबी हुई दिल्ली की सल्तनत देश की सुरक्षा को अनदेखी कर रही है।
चीन-बांग्लादेश
अगर कोई बांग्लादेशी घुस कर आता है, अगर वो रुकता नहीं है, तो बीएसएफ के जवानों पर रोक लगायी गई है कि वो कोई शस्त्र का उपयोग नहीं करेंगे। अगर वो ज्यादा ताकतवर हैं, अगर घुसपैठियों का हमला तेज है, तो उनसे मुठभेड़ करने के बजाये उन्हें अंदर आने की इजाजत दे दें। इस प्रकार के निर्णयों से देश की सुरक्षा कैसे की जा सकती है।
चीन को देख मैं हैरान हूं, चीन तो घुसपैठिया था, उसको तो अपनी धरती पर वापस जाना जरूरी था। दिल्ली की सरकार ने ऐसा निर्णय लिया कि चीन तो पीछे हटा ही, अपने ही देश के सैनिकों को भी पीछे हटना पड़ा। बड़ी बयानबाजी करके विदेश मंत्री चीन गये, वहां उन्हें उनकी हरकतों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिये थी, लेकिन इसके बजाये उन्होंने बयान दिया कि बीजिंग इतना बढि़या शहर है कि मुझे यहां रहने का मन करता है। डूब मरो मेरे देश की सरकार चलाने वाले लोगों, आपको शर्म आनी चाहिये। हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ लोगों के मन पर लगी चोट पर आप तेजाब छिड़क रहे हो।
केरल का मुद्दा
इटली के लोग आये हमारे मछुआरों पर गोली चला दी। मेरे देश के दो मछुवारों को भून डाला। उनको अरेस्ट किया। हिन्दुस्तान की जेलों से किसी को बेल नहीं मिलती, वो कौन था जिनके कहने पर उन्हें बेल मिल गई। ऊपर से इटली सरकार ने आंख दिखायी। मेरे भाईयों आपको हिन्दुस्तान की चिंता है, मुझे मेरे देश के नौजवानों की चिंता है। रोजी रोटी पाने के लिये कहां जायेंगे। मित्रों कांग्रेस की सरकार महाराष्ट्र में भी है, आंध्र में भी है।
हमारे कांग्रेस के मित्रों को जरा बुरा लगेगा। कान खोलकर सुन लीजिये, आंध्र में भी आप कई वर्षों से राज कर रहे हैं। और हिन्दुस्तान में सबसे ज्यादा आत्महत्या की घटनाएं इन्हीं दो राज्यों में होती है। आंध्र के नौजवान पेट भरने की खातिर गल्फ कंट्रीज में जाना पड़ रहा है।
तेलंगाना मुद्दा
2004 में कांग्रेस ने आंध्र के लोगों को तेलंगाना देने का वादा किया था, आंध्र से पूरे हिन्दुस्तान में किसी एक राज्य में से सर्वाधिक एमपी अगर कांग्रेस को मिले हैं, तो आंध्र से मिले हैं। आंध्र की वजह से कांग्रेस टिकी हुई है। आपको वादा किया था निभाया। छोटे राज्यों की परिकल्पना अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी।
उत्तराखंड-यूपी अलग हुए, झारखंड-बिहार अलग हुए, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ अलग हुए तो दोनों राज्यों में मिठाईयां बांटी गईं, लेकिन यहां खूनखराबा हो रहा है। भाजपा भी तेलंगाना के पक्ष में है, लेकिन सीमांध्र की अनदेखी नहीं की जा सकती। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि जब आप 2004 से ही तेलंगाना को अलग करना चाहते थे, तो तभी से एक अलग राजधानी को क्यों विकसित नहीं किया। मैं तेलंगाना और सीमांध्र के भाईयों और बहनों से प्रार्थना करना चाहता हूं कि कांग्रेस कोई भी खेल क्यों न खेले, लेकिन आपके बीच टकराव नहीं होना चाहिये।
मैं अपने भाईयों से पूछना चाहता हूं कि क्या कभी किसी ने सोचा है कि मां के दूध में भी दरार हो सकती है। हम भाई हैं, मां के दूध में दरार नहीं होनी चाहिये। मेरे सूरत में चार लाख तेलुगू भाषी भाई बहन रहते हैं, अहमदाबाद में छह लाख तेलुगु भाई रहते हैं, हम साथ-साथ जीते हैं। हम गुजरात के लोग तेलुगु भाषी के साथ प्यार से जी सकता है, तो आंध्र और तेलंगाना के लोग क्यों नहीं।
विकास पर नहीं जाना चाहती कांग्रेस
मेरी आयु के लोगों से मैं पूछना चाहूंगा कि आज से चाली साल पहले कभी क्या ऐसा लिखा होता था कि शुद्ध घी की दुकान। नहीं क्योंकि तब घी का मतलब शुद्ध ही हुआ करता था। आज शुद्ध घी नहीं मिलता। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गरीब की थाली में रोटी पहुंचती थी, फूड सिक्योरिटी के बारे में सोचना तक नहीं पड़ता था। आज कांग्रेस ने महंगाई की ऐसी मार मारी है कि फूड सिक्योरिटी बिल लाना पड़ रहा है।
आज एक शब्द चल रहा है इंक्लूसिव ग्रोथ, ये शब्द पहले क्यों नहीं था। न कभी प्लानिंग कमीशन ने कभी इस शब्द का प्रयोग करना पड़ा। आज इसलिये करना पड़ रहा है, क्योंकि कांग्रेस ने 60 साल तक कुछ भी इंक्लूसिव नहीं किया, सब एक्सक्लूडैड किया। कांग्रेस पार्टी इस देश के लिये बोझ बन गई है।
मैं आंध्र में एनटीआर को याद करना चाहता हूं। एनटीआर ने इस देश की बहुत बड़ी सेवा की थी। न सिर्फ आंध्र के गौरव के लिये बल्कि उन्होंने कांग्रेस विरोधी कांग्रेस बनाने पर बल दिया था। मैं आंध्र में सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करता हूं। एनटीआर को उत्तम से उत्तर श्रद्धांजलि कांग्रेस मुक्त भारत का निर्माण करके ही हो सकती है।
कोई जले चाहे जल मरे, लेकिन मैं आज कहता हूं, कि देश में कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की आग लग चुकी है। भ्रष्टाचार ने हमारे देश को तबाह कर दिया है। जल, थल, नर पूरे भूमंडल का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां कांग्रेस के मित्रों ने भ्रष्टाचार के लिये अपने हाथ-पैर नहीं फैलाये हों। हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी पूरे हिन्दुस्तान में घूमे, काला धन वापस लाने के लक्ष्य से।
विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने में कांग्रेस सरकार को क्या परेशानी है। आज भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सरकारों ने देश में सुशासन की मिसाल जगायी है। स्किल डेवलपमेंट की दिशा में हर राज्य में काम हुआ, आंध्र प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट में क्या किया। गुजरात को मत देखिये, पड़ोसी तमिल नाडु ही देखें, वहां जयललिता की सरकार में कैसे स्किल डेवलपमेंट।
कांग्रेस को बताना चाहूंगा कि गरीब की थाली में रोटी पहुंचाने का सबसे बड़ा उदाहरण छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमण सिंह ने किया है। बेटियों का सम्मान कैसे हो, कन्या का गौरव कैसे हो, मां-बाप को बोझ न लगे। मैं कांग्रेस से कहना चाहूंगा कि जायें मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को देखिये। उनकी लाडली लक्ष्मी योजना ने बेटियों को यह हक दिया है।
कांग्रेस में 60 साल बीत गये, एक ही परिवार ने राज किया, लेकिन सामान्य जनता की भलाई के लिये कुछ नहीं किया। मैंने एक बार भारत के प्रधानमंत्री से कहा था। आंध्र प्रदेश के पास 900 किलोमीटर लंबा समुद्री तट है, गुजरात, पश्चिमबंगाल, तमिलनाडु, केरल, आदि राज्यों के पास समुद्री तट हैं। मैंने उनसे कहा था कि समुद्र तट पर स्थित राज्यों की मीटिंग बुलायें, ताकि एक्सपोर्ट नीति के आधार रुपए की कीमत को नियंत्रित किया जा सके।
जब हिन्दुस्तान आजाद हुआ थ, तब एक डॉलर की कीमत एक रुपए थी, आज एक डॉलर की कीमत वित्तमंत्री की आयु के बराबर। हमारे जो नौजवान विदेश गये। उनकी पढ़ाई पर एक लाख बीस हजार करोड़ रुपए खर्च हुए। साथ ही बुद्धि धन भी गया। आज गांव में डॉक्टर नहीं हैं। आंध्र और गुजरात में सबसे ज्यादा दवाईयों का उत्पादन करते हैं, दवाएं हैं, लेकिन लिखने वाला डॉक्टर नहीं। बीमार को दवाई नहीं, पहनने को कपड़ा नहीं खाने को रोटी नहीं। ये सब कांग्रेस की देन है।
हिन्दुस्तान को अगर आगे बढ़ाना है, तो हमें विकास के रास्ते पर जाना होगा। पीडि़त, शोसित, दलित, आदिवासी, मछुवारे, इन सबके लिये क्या किया कांग्रेस ने। सरकार का एक ही धर्म होता है इंडिया फर्स्ट, एक ही भक्ति होती है, भारत भक्ति, एक ही शक्ति होती है, जन शक्ति, एक ही पूजा होती है सवा सौ करोड़ लोगों की भलाई, सरकार की कार्यशैली होती है सबका साथ-सबका विकास। इसी मंत्र को लेकर हम आने वाले दिनों में भारत को कांग्रेस मुक्त कराने के प्रयास करेंगे।
यस वी कैन, यस वी कैन, यस विल डू, यस विल डू, जय तेलंगाना, जय सीमांध्रा, भारत माता की जय, वंदे मातरम।
भाषण के बाद रैली में एकत्र हुए 10 लाख रुपए उत्तराखंड पीडि़तों के लिये दिये गये।













Click it and Unblock the Notifications