'अखिलेश के राज में उद्योग बन गया है तबादला'
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने सूबे की समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में विभिन्न विभागों में हो रहे तबादलों ने उद्योग का रूप अख्तिायार कर लिया है। कहीं तबादला होने के बाद अधिकारी अपनी जगह लेने नहीं जाते तो कहीं तबादलों में मुख्यमंत्री तक को नजरअंदाज कर दिया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि सरकार ने शनिवार को ही आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की थी, लेकिन बुधवार तक एक भी अधिकारी अपनी नई तैनाती पर नही पहुंचा। सूची जारी होने के बाद भी ये अधिकारी मनचाही पोस्टिंग के चक्कर में नई तैनाती लेने से बच रहे हैं। सरकार के भीतर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पाठक ने कहा कि आखिर ये अधिकारी अपना प्रभार छोड़ने के लिए क्यों तैयार नहीं हैं, यह एक बड़ा सवाल है।

उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारियों के अलावा सूबे के अन्य विभागों में भी तबादलों ने उद्योग का रूप ले लिया है। राज्य के खनन विभाग में पहले तो 58 तबादले किए गए। इसमें भी संबंधित विभाग के निदेशक ने मुख्यमंत्री तक को नजरअंदाज कर दिया और फिर आनन फानन में सभी तबादलों को निरस्त कर दिया गया। पाठक ने आरोप लगाते हुए कहा कि तबादलों की आड़ में जमकर धन उगाही का धंधा चल रहा है। यह सरकार अब तक 5,000 से अधिक तबादले कर चुकी है फिर भी आए दिन बड़ी संख्या में तबादलों की सूची जारी होती रहती है।
उन्होंने कहा कि खनन विभाग के अलावा भी सरकार की स्थिति यह है कि प्रोन्नाति मिलने के बाद भी इंस्पेक्टरों की तैनाती सियासी खींचतान में रुकी हुई है। जब इनकी प्रोन्नति हो गई है, तो उन्हें तैनाती क्यों नही मिल रही है, यह भी एक बड़ा सवाल है। सरकार के हर विभाग में जबर्दस्त असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पाठक ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल के तीसरे विस्तार के बाद जिन लोगों को मंत्री बनाया गया था, उनके विभागों का बंटवारा अभी तक नहीं हो पाया है। सरकार असमंजस के दौर से गुजर रही है और इसका खामियाजा सूबे की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।









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