तालिबान ने मलाला को लिखी चिट्ठी, कहा पाकिस्तान वापस लौट जाओ
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की लड़कियों में शिक्षा की ज्योत जलाने के लिए 16 साल की मलाला को तालिबान की गोलियों का शिकार होना पड़ा। इलाज के लिए उसे अमेरिका भजा गया, जहां उसका इलाज किया जा रहा है। अब उसकी तबियत पहले काफी बेहतर हो चुकी है।
जिस तालिबान ने मलाला को मौत के घाट उतारा चाहा वहीं अब पाकिस्तान की इस बहादुर बेटी अब अपने देश वापस लाना चाहता है। तालिबान मलाला ने पाकिस्तान वापस लौटने के ले आग्रह कर रहा है। तालिबान कमांडरों में एक अदनान राशिद ने मलाला को चिट्ठी लिखकर स्वदेश वापस लौटने के लिए आग्रह किया है।

पत्र में तालिबान ने कहा है कि आप पाकिस्तान आकर मदरसे में आगे की पढ़ाई करें। तालिबान कमांडर अदनान राशिद को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की हत्या के प्रयास मामले में तलाश की जा रही है। मलाला के नाम लिखे पत्र को मीडिया को भेजते हुए राशिद ने लिखा है कि मैं चाहता हूं कि वह घर वापस लौट आएं। इस्लामी और पख्तून संस्कृति को स्वीकारे। मलाला को अपने घर के नजदीक किसी महिला मदरसे में पढ़ाई करनी चाहिए।
उसे अपनी कलम का इस्तेमाल इस्लाम और अल्लाह के लिए करना चाहिए। उसे उन देशों की साजिश का खुलासा करना चाहिए जो अपनी हसरतों को पूरा करने के लिए दुनिया को झूठे सब्जबाग दिखाकर गुमराह कर रहे हैं।
तालिबानी कमांडर ने मलाला पर हमले की सफाई देते अपने इस पत्र में लिखा है कि तालिबान ने पढ़ाई की वजह से मलाला पर हमला नहीं किया। तालिबान और मुजाहिदीन लड़के और लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ नहीं है। मलाला पर हमला इसलिए हुआ क्योंकि हमें ऐसा लगता है कि वह जानबूझकर हमारे खिलाफ लिख रही थीं। उनकी लेखनी भड़काने वाली थी। इससे स्वात में इस्लामी कानून लागू करने के तालिबान के प्रयास कमजोर पड़ रहे थे।












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