क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले सांसदों को सरकार ने दी विदेशी बंदूकें

आप चौंक जरूर गये होंगे, लेकिन आरटीआई द्वारा मांगी गई सूचना के अनुसार देश के सांसदों को 1987 से 2001 के बीच 675 बंदूकें दी गईं। जबकि 2001 से 2004 के बीच 39 और 2005 से 2012 के बीच 42 बंदूकें सांसदों को बहुत कम कीमतों पर दी गईं। इनमें रिवाल्वर व बड़ी-छोटी बंदूक सब शामिल हैं। ये वो बंदूके हैं, जो कस्टम विभाग द्वारा जब्त की गई थीं। यानी 1987 से 2012 तक 756 बंदूकें सांसदों को दी गईं। कुल 82 सांसदों ने ये बंदूकें खरीदीं।
Did You Know: राज्यसभा में 16% सांसदों पर क्रिमिनल केस
बंदूकें खरीदते वक्त 82 में से 18 सांसदों के खिलाफ बलात्कार, हत्या, हत्या के प्रयास, किडनैपिंग, आदि के मामले दर्ज हैं। अगर प्रमुख नाम गिनायें तो यूपी के बाहुबली अतीक अहमद (44 केस), महाराष्ट्र के अबू आसिम आज़मी (7 केस) और यूपी के राकेश सचान (7 केस) शामिल हैं।
जरा सोचिए एक तरफ सुप्रीम कोर्ट अपराधी सांसदों से कुर्सी का अधिकार छीनने के आदेश देता है, तो दूसरी ओर सरकार ऐसे ही नेताओं को शस्त्र मुहैया कराती है। वो भी ऐसे शस्त्र जो विदेश में तैयार किये गये या फिर भारत में तैयार कर विदेश ले जाये जा रहे थे। इससे भी शर्मनाक तो यह है कि ऐसे सांसदों को सस्ते दामों पर बंदूक-रिवाल्वर मुहैया करायी गई। इस खबर में बंदूक मुहैया कराये जाने के आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म से जुड़े आरटीआई अक्टिविस्ट अंब्रीश पांडे द्वारा मांगी गई सूचना पर आधारित हैं।
Did You Know: क्या आप जानते हैं कि देश के सर्वोच्च सदन राज्यसभा में 16% सांसदों ने खुद हलफनामे में लिख कर दिया है कि उन पर कितने क्रिमिनल केस लगे हैं।












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