संसदीय अधिकार पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा विपक्ष: मनीष तिवारी

मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा वामपंथी दलों और अन्य पार्टियों ने संसद में खाद्य सुरक्षा विधेयक पेश किए जाने के बगैर इस पर अध्यादेश लाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर आपत्ति जताई है। तिवारी ने कहा कि हालांकि विपक्ष सरकार पर संसद का अपमान करने का आरोप लगाता रहा है, लेकिन इसने स्वयं इस संस्था का सम्मान नहीं किया है।
विपक्ष के रवैये के कारण ही संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित एवं बाधित हुई। तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि जो आज संसद के अधिकारों को लेकर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने संसद की कार्यवाही में बाधा डालने में पीएचडी कर रखी है।
तिवारी ने कहा कि विपक्ष को अपने भीतर झांकने की जरूरत है कि उन्होंने स्वयं किस प्रकार का व्यवहार संसद के साथ किया, संसदीय संस्थाओं एवं परंपराओं और कार्यवाहियों को कितना सम्मान दिया। क्या हमें वर्ष 2010 में नवंबर में हुआ संसद का सत्र याद नहीं है, जो विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया, क्या हमें पिछले साल का मानसून सत्र याद नहीं है।












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