मुकेश अंबानी की CRPF सुरक्षा पर हाईकोर्ट में चुनौती
मुंबई। सरकार को देश की सत्ता पर बिठाने वाली आम जनता अपराध से जूझ रही है। हत्या, रेप, लूटपाट की घटनाओं से लोग हर रोज दो-चार हो रहे है, लेकिन हमारे नेता और उद्योगपति हाई सिक्योरिटी और सुरक्षागार्ड के घेरे में घूम रहे है। हजारों के खर्च सिर्फ उनकी सुरक्षा पर की जाती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को केन्द्र सरकार ने जेड श्रेणी की सुरक्षा दी है। उनके ऊपर हर महीने हजारों रुपए खर्च कर किए जाते है। सरकार की ओर से उन्हें मिली इस सुरक्षा को अब चुनौती मिल गई है। मुंबई के दो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

नितिन देशपांडे और विक्रांत कार्णिक नाम के दो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनहित याचिका दाखिल कर कोर्ट में अंबानी की सुरक्षा को चुनौती दी है। इन्होंने कोर्ट से मांग की है कि रिलाइंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी को मिली सीआरपीएफ सुरक्षा को तुरंत निरस्त की जाएं।
दरअसल कुछ दिनों पहले मुकेश अंबानी को आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की ओर से धमकी भरे खत मिले थे, जिसके बाद उन्हें सरकार की ओर से सीआरपीएफ की जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी।
इस याचिका में कहा गया है कि चूंकि सीआरपीएफ का गठन आपात की स्थितियों से निपटने के लिए किया गया है, लेकिन सरकार अंबानी को मिली सुरक्षा में सीआरपीएफ का इस्तेमाल कर उसका गलत इस्तेमाल करती है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा दी गयी मंजूरी सीआरपीएफ अधिनियम और नियमों का पूरी तरह उल्लंघन और अवहेलना है।












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