भारतीय राजनीति में टॉप 10 इंसल्‍ट

बैंगलोर। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर आज दुनिया भर में चर्चा हो रही है टॉप 10 इंसल्‍ट की। यानी शीर्ष 10 बेइज्‍जती। जिस पर धड़ा-धड़ ट्वीट्स पड़ रहे हैं, आप ने भी एक न एक ट्वीट जरूर किया होगा। खैर चलिये हम आपको ले चलते हैं भारतीय राजनीति के गलियारे में जहां की टॉप 10 इंसल्‍ट पर हम फोकस करेंगे।

ये वो घटनाएं होंगी जिसमें भारत के नेताओं का अपमान हुआ। जिसमें कभी जनता खुश तो कभी शर्मसार हुई। इसके लिए हम राजनीतिक गलियारों में झांक कर देखेंगे कि इन घटनाओं के मुख्‍य पात्र कौन हैं। किसी राजनेता को थप्‍पड़ पड़ना, जूता फेंका जाना या फिर राजनेताओं को हत्‍यारा, बलात्‍कारी और लुटेरा बताया जाना।

भारत में राजनीति एक ऐसा विषय है, जिस पर सभी के पास कुछ न कुछ विचार होते ही हैं। ऐसे में आरोप प्रत्‍यारोप का दौर चलता रहता है जो कि संसद से लेकर देश के हर प्रदेश में फैल जाता है, इसी दोष और बचाव के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं भी हो जाती हैं जो कि पूरे देश में चर्चा बटोरती हैं। खासकर पिछले दो वर्षों में नेताओं के ऐसे ऐसे बयान आये जिन्‍होने पूरे देश को कई बार शर्मसार किया।

इसके अलावा भ्रष्‍टाचार और कानून की कमजोरी ने भी ऐसी कई अपमान जनक घटनाओं को जन्‍म दिया। यह ज्‍यादा पुरानी बात नहीं है जब भारत के कृषि मंत्री को किसी ने थप्‍पड़ मार दिया था। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजसेवी अन्‍ना हजारे ने कहा था कि 'क्‍या सिर्फ एक ही थप्‍पड़ मारा।' इस घटना के अलावा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आंदोलन करने वाले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने नेताओं के प्रति आक्रोश दिखाते हुए कहा था कि संसद में लुटेरे, हत्‍यारे और बलात्‍कारी ही रहते हैं।

आइये देखते हैं कि उन 10 घटनाओं को जिसमें जनता के प्रतिनिधियों को अपमान का घूंट पीना पड़ा।

सोनिया के इशारे पर चलते हैं मनमोहन सिंह

सोनिया के इशारे पर चलते हैं मनमोहन सिंह

यह बेहद शर्मनाक है कि विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र में जहां सारी शक्तियां प्रधानमंत्री के हाथों में होती हैं। वहां भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने हर निर्णय के पहले यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी की तरफ देखते हैं। यहां तक की पाक द्वारा भारतीय सैनिकों की नृशंस हत्‍या के बाद भी पीएम का बयान एक दिन बाद ही आया था। यह ऐसा अपमान है जो कि हमारे प्रधानमंत्री पिछले आठ सालों से ज्‍यादा समय से झेल रहे हैं।

नेताओं पर जूता चप्‍पल

नेताओं पर जूता चप्‍पल

इसकी शुरूआत ईराक से हुई जहां एक पत्रकार मुंतजर अल जैदी ने अमेरिका के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति जार्ज बुश को अपमानित करने के लिए उन पर जूता फेंका। जिसके बाद यह एक ट्रेंड की तरह चल पड़ा, जिसे भारत में भी फॉलो किया गया। इसी कड़ी में वित्‍तमंत्री पी चिदंबरम, नीतीश कुमार, मनमोहन सिंह और बीएस येद्दयुरप्‍पा पर जूता फेंक कर उन्‍हें अपमानित किया गया।

कृषि मंत्री शरद पवार को थप्‍पड़ पड़ा

कृषि मंत्री शरद पवार को थप्‍पड़ पड़ा

यह घटना उस समय की है जब भ्रष्‍टाचार का विरोध करने सड़क पर उतरी जनता के गुस्‍से का शिकार कृषि मंत्री शरद पवार को होना पड़ा और किसी ने उनको जोरदार थप्‍पड़ धर दिया। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाज सेवी अन्‍ना हजारे ने कहा कि 'क्‍या सिर्फ एक ही थप्‍पड़ मारा'।

अ‍रविंद केजरीवाल

अ‍रविंद केजरीवाल

नवंबर 2012 में अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने नेताओं के बारे में बयान देते हुए कहा था कि भारत की संसद में हत्‍यारे, लुटेरे, बलात्‍कारी बैठते हैं जो कि देश का भविष्‍य तय करते हैं। उनके इस बयान पर उनकी निंदा की गई थी।

बेनी प्रसाद वर्मा

बेनी प्रसाद वर्मा

अपने बयानों से अक्‍सर चर्चा में रहने वाले केंद्रीय इस्‍पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव को आतंकवादी कहा था। जिसके जवाब में मुलायम का कहना था कि सरकार को इसकी जांच करवानी चाहिए।

नी‍तीश कुमार

नी‍तीश कुमार

अपने प्रशासन में बिहार को बदलने वाले मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर जूता फेंक कर उन्‍हें अपमानित करने की कोशिश की गई थी।

तिरंगे का अपमान

तिरंगे का अपमान

इंदौर की सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन के 70 वे जन्मोत्सव के दौरान तिरंगे का जमकर अपमान हुआ। मंच के पास ही रंगों से जमीन पर तिरंगा बनाया था और इस तिरंगे को कई लोगो ने अपने पैरो से रोंदते रहे लेकिन उन्हों रोकने वाला कोई नहीं था ।

लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव

पटना में एक कार्यक्रम के दौरान लालू प्रसाद यादव सोते रहे और राष्‍ट्रगान बजता रहा, जिस पर राष्‍ट्रगान का अपमान करने के कारण उनकी कड़ी निंदा की गई।

वंदे मातरम का अपमान

वंदे मातरम का अपमान

अभी हाल ही में एक विशेष समुदाय के मंत्री ने संसद में राष्‍ट्रगीत का अपमान किया और कहा कि वह राष्‍ट्रगीत नहीं गा सकते।

 रीता बहुगुणा जोशी

रीता बहुगुणा जोशी

बलात्‍कार की शिकार युवतियों को एक लाख रूपये दिये जाने की घोषणा पर उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती को जवाब देते हुए यूपी की तात्‍कालीन प्रदेश अध्‍यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा था‍ कि अगर मायावती खुद का बलात्‍कार करवा लें तो मैं उन्‍हें दो लाख रूपये दूंगी। जिस पर बसपाईयों ने रीता जोशी के लखनऊ स्थित घर पर हंगामा किया था।

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