खाद्य सुरक्षा बिल पर हंगामे के चलते संसद बुधवार तक के लिए स्थगित

लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए उस समय स्थगित कर दी गई, जब कांग्रेस सदस्य भक्त चरण दास ने, खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सोमवार को शुरू हुई बहस में हिस्सा लेते हुए अपना वक्तव्य फिर से शुरू किया। चूंकि लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास विपक्षी सदस्यों का हंगामा लगातार जारी रहा, लिहाजा पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
इसके पहले संसद में जारी गतिरोध पर चर्चा के लिए कांग्रेस कोर समूह की बैठक हुई। पूर्व में लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई। सदन की बैठक जब दोबारा शुरू हुई तो भाजपा सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। सदस्यों ने कानून मंत्री अश्विनी कुमार और रेल मंत्री बंसल के इस्तीफे की भी मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने भाजपा सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आग्रह बेअसर रहा और सदस्यों की नारेबाजी लगातार जारी रही। हंगामा जारी रहा, और कांग्रेस सांसद फ्रांसिस्को सरदिन्हा ने पीठासीन अधिकारी की हैसियत से सदन की कार्यवाही अपराह्न् एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने विपक्ष पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सदन के बाहर वे कहते हैं कि वे खाद्य एवं भूमि विधेयक चाहते हैं। सदन के अंदर वे सदन को चलने नहीं देना चाहते और बहस नहीं होने देना चाहते। अन्य दल विधेयक चाहते हैं। कमलनाथ ने कहा, दोनों ऐतिहासिक विधेयक हैं। खाद्य विधेयक से लगभग 65 प्रतिशत आबादी को लाभ होगा। विपक्ष ऐसा नहीं चाहता। कल कर्नाटक के चुनाव परिणाम से तय हो जाएगा कि भ्रष्ट कौन है।
दोनों सदनों की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और प्रश्नकाल शुरू होने के चंद मिनट बाद ही दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी हंगामे की स्थिति देखने को मिली। भाजपा सदस्यों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के बीच पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई, और उसके बाद उपसभापति पीजे कुरियन ने सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे की स्थिति बनी रहने के बाद सदन की कार्यवाही अंतत: दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
कोयला ब्लॉक और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितता को लेकर विपक्षी दलों ने दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित की। भाजपा ने कहा है कि कोयला ब्लॉक और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई अनियमितता में प्रधानमंत्री कार्यालय की कथित संलिप्तता को लेकर जबतक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा नहीं दे देते, तबतक संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी जाएगी।
भाजपा बंसल और अश्विनी के इस्तीफे की भी मांग कर रही है। जहां एक तरफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे बोर्ड में एक सदस्य की नियुक्ति के लिए कथितरूप से रिश्वत लेने के लिए बंसल के भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अश्विनी कुमार कोयला ब्लॉक आवंटन से सम्बंधित सीबीआई की जांच रपट को देखने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के कोप का भाजन बने हुए हैं।












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