भुल्लर की पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कहा स्थगित हो मौत की सजा

नवनीत कौर ने अपनी याचिका में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल के अपने आदेश में भुल्लर की याचिका खारिज करते समय दिमाग से काम नहीं लिया और प्रासंगिक परिस्थिति पर विचार किए बगैर ही सम्भवत: अपनी राय बना ली थी। ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल को भुल्लर की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका पर निर्णय लेने में की गई देरी के आधार पर ेमृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की गई थी।
भूल्लर ने 14 जनवरी, 2003 को दया याचिका दायर की थी, जिसे राष्ट्रपति ने 25 मई, 2011 को खारिज कर दिया था। भुल्लर को 1993 में युवक कांग्रेस कार्यालय में विस्फोट करने के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। इस घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी, तथा यह हमला युवक कांग्रेस के तत्कालीन नेता एमएस बिट्टा को लक्षित था।












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