बतौर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कोई विकल्प नहीं: महाश्वेता
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंगलवार को दिल्ली में हुए दुर्व्यवहार के बाद गुरुवार को लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी ने कहा कि ममता का कोई विकल्प नहीं है। महाश्वेता देवी ने यहां संवाददाताओं से कहा, एक मुख्यमंत्री के रूप में मुझे ममता का कोई विकल्प नजर नहीं आता। उनका विरोध करने वाले वही लोग हैं, जिन्हें जनता ने खारिज कर दिया है। आम लोगों से किए वादे पूरे करने की दिशा में ममता के प्रयासों की सराहना करते हुए महाश्वेता देवी ने लोगों से मुख्यमंत्री में भरोसा बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा, सत्ता में आने के बाद ममता ने लोगों के हित में कई निर्णय लिए, जब जरूरत पड़ी तो उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को भी नहीं बख्शा।
महाश्वेता देवी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अपना हित साधने के लिए छात्रों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, मैं पिछले करीब 50 वर्षो से देख रही हूं कि राजनीतिक दल अपने हित के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से छात्रों में राजनीतिक समझ होनी चाहिए और राजनीति एक वास्तविकता है। राज्यों के राजनीतिक दलों के प्रमुखों को छात्र संगठनों के साथ मिलकर मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए। महाश्वेता देवी ने स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेता सुदीप्तो गुप्ता की मौत की जांच कराने की अपील भी ममता से की।

उनकी यह प्रतिक्रिया प्रेजीडेंसी यूनिवर्सिटी परिसर में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के सदस्यों द्वारा की गई छात्रों की पिटाई के बाद आई है। राजनीति में छात्रों की संलिप्तता पर खेद जताते हुए महाश्वेता देवी ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, पिछले करीब 50 वर्षो से मैं देख रही हूं कि छात्रों को राजनीति से अलग करने के लिए कोई सकारात्मक कोशिश नहीं की जा रही है। छात्रों का इस्तेमाल राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए किया जा रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि राजनीतिक दलों को इससे सामने आने वाले परिणामों का एहसास नहीं है और न ही यह मालूम है कि इससे छात्र अंतत: कहां जाएंगे। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
माना जा रहा है कि टीएमसीपी के सदस्यों ने मंगलवार को नई दिल्ली में स्डूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ की गई बदसलूकी के जवाब में इस घटको को अंजाम दिया। टीएमसीपी सदस्यों के हाथों में लोहे की छड़ व डंडे थे। नारेबाजी करते हुए वे विश्वविद्यालयपरिसर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने बेकर्स बिल्डिंग में तोड़फोड़ की, जहां हाल ही में शताब्दी समारोह मनाया था। प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक भौतिकी प्रयोगशाला-बेकर प्रयोगशाला को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। ममता बनर्जी के साथ मंगलवार को दिल्ली में हुए दुर्व्यवहार के बाद गुरुवार को महाश्वेता देवी ने कहा कि ममता का कोई विकल्प नहीं है।
महाश्वेता देवी ने यहां संवाददाताओं से कहा, एक मुख्यमंत्री के रूप में मुझे ममता का कोई विकल्प नजर नहीं आता। उनका विरोध करने वाले वही लोग हैं, जिन्हें जनता ने खारिज कर दिया है। आम लोगों से किए वादे पूरे करने की दिशा में ममता के प्रयासों की सराहना करते हुए महाश्वेता देवी ने लोगों से मुख्यमंत्री में भरोसा बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा, सत्ता में आने के बाद ममता ने लोगों के हित में कई निर्णय लिए जब जरूरत पड़ी तो उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को भी नहीं बख्शा।
महाश्वेता देवी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अपना हित साधने के लिए छात्रों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से छात्रों में राजनीतिक समझ होनी चाहिए और राजनीति एक वास्तविकता है। राज्यों के राजनीतिक दलों के प्रमुखों को छात्र संगठनों के साथ मिलकर मुद्दे का समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए। महाश्वेता देवी ने ममता से स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेता सुदीप्तो गुप्ता की मौत की जांच कराने की अपील भी की। (आईएएनएस)












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