पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझा डीएसपी जियाउल हक मर्डर केस
पुलिस के सारे दावे उस वक्त धराशायी हो गए जब कुंडा हिंसा के दौरान मारे गए पुलिस उपाधीक्षक जियाउल हक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्याकांड को और उलझा दिया है। सामने आई इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर में कहा गया है कि डीएसपी जियाउल हक की मौत एक गोली गलने से हुई है जबकि उन की पत्नी का दावा है उन्हें तीन गोलियां लगी थी।
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक अरुण कुमार ने पत्र कारों से बात करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि डीएसपी जियाउल हक को एक गोली मारी गई। गोली पीठ में लगते हुए वाइटल आर्गन को क्षतिग्रस्त करते हुए अगले हिस्से से निकली। उन्होंने ये भी साफ किया कि डीएसपी को लगने वाली गोली अब तक बरामद नहीं हो पाई है इसलिए ये बात अब तक साफ नहीं हो पाई है कि हक की मौत सर्विस रिवॉल्वर से चली गोली से हुई है या किसी और बंदूक से उनपर हमला किया गया था।
गौरतलब है कि अबतक पुलिस शहीद डीएसपी की सर्विस रिवॉल्वर, उनका मोबाइल फोन और कैमरा बरामद नहीं कर पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए शदीह हक की पत्नी परवीन आजाद ने दावा किया था कि उन्होंने सीओ का शव देखा। उनको तीन गोलियां-दो पैर में और एक सीने में लगी है। परवीन ने आरोप लगाया कि हक की हत्या सोचे-समझे ढंग से की गई है।
गौरतलब है कि हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने खाद्य एंव रसद मंत्री के पद से इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस माले की जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। अब तक दो गिरफ्तारी की जानकारी दी और कहा कि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।













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