यासीन मलिक ने डंके की चोट पर थामा हाफिज सईद का हाथ
नई दिल्ली। इस्लामाबाद में अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठने वाले जेकेएलएफ नेता यासीन मलिक का कहना है कि भारत सरकार हाफिज सईद को सिर्फ इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि वह मुसलमान है। गौरतलब है कि भूख हड़ताल पर बैठने वाले यासीन ने मुंबई हमलों के आरोपी हाफिज सईद के साथ मंच साझा किया था। एनडीटीवी को रावलपिंडी से दिये गये अपने इंटरव्यू में यासीन ने कहा है कि उन्होने फांसी का विरोध करने के लिए 'गांधी वादी' तरीका अख्तियार किया था और यह एक सार्वजनिक मंच था जहां कोई आ सकता था।
यासीन ने चैनल से अपनी बातचीत के दौरान खुद को कश्मीरी मुसलमानों का मसीहा साबित करने की कोशिश की और हाफिज सईद को निर्दोष बताया और उसने मुंबई हमलों में आतंकी हाफिज की भूमिका को भी नहीं माना। हालांकि उसने हाफिज से अपने संबंधों के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उसने यह भी नहीं बताया कि उसने हाफिज से क्या बातें की, उससे क्यों मिला।
यह ध्यातव्य है कि भारत ने 1996 में ही हाफिज को मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में घोषित कर दिया था। लेकिन यासीन ने सईद का बचाव किया। उसने साफ शब्दों में यह भी कह दिया भारत सरकार भले ही उसे जेल में डाल दे लेकिन उसे अब भी हाफिज के साथ मंच साझा करने का कोई अफसोस नहीं हैं। मैंने अफजल की फांसी का विरोध करने के लिए गांधीवादी तरीका अपनाया और एक सार्वजनिक मंच पर कोई भी आकर विरोध जता सकता है। यासीन ने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों के साथ दोहरा बर्ताव करती है।
अपने दिये गये बयानों से यासीन मलिक खुद को मुसलमानों का हितैषी बता रहा है वहीं वह अक्सर पाक में भारत विरोधी काम कर रहे लोगों के साथ मिलता भी रहा है और अब खुलकर हाफिज सईद का समर्थन कर रहा है, अब देखने वाली बात यह होगी कि भारत सरकार इस मसले पर क्या कदम उठाती है। यासीन मलिक का बार-बार हाफिज सईद का बचाव करना और उससे अपने संबंधों पर खुलकर न बोलना इस ओर भी इशारा करता है कि मुंबई हमलों में उसकी भी भूमिका हो सकती है।













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