क्या गारंटी है कि 26/11 में यासीन मलिक का हाथ नहीं?
नई दिल्ली (वनइंडिया ब्यूरो)। कश्मीर के अलगाववादी संगठन जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक के साथ लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक व मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के साथ देखने के बाद आम भारतीय नागरिक आग बबूला है। सरकार अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। मलिक के पासपोर्ट को जब्द करने की कार्यवाई करने की खबरें तेजी से दौड़ रही हैं, लेकिन एक सवाल जो उभर कर आ रहा है वो यह कि क्या गारंटी है कि यासीन मलिक का मुंबई आतंकी हमले में हाथ नहीं?
जी हां, जब पाकिसतान अधीकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री के चौधरी अब्दुल मजीद और जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज सईद यासीन मलिक के प्रदर्शन में शामिल हुए। दोनों ने यासीन मलिक के साथ कुछ वक्त बिताया और संसद हमले के मुख्य साजिशकर्ता अफजल गुरु को फांसी दिये जाने पर अफसोस जाहिर किया। यासीन मलिक ने भी उनके इस अफसोस में हां में हां मिलायी।

यासीन मलिक को आतंकियों के साथ इस तरह देख भारतीयों के दिल पर जो गुजरी है, उसका अंदाजा शायद उन्हें नहीं होगा। अखिल भारतीय अधिकार संगठन के अध्यक्ष डा. आलोक चांटिया ने वनइंडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल उठाया कि अब तो 26/11 हमले की जांच को विस्तार दिया जाना चाहिये और देखना चाहिये कि कहीं यासीन भी इसमें शामिल तो नहीं। अगर मलिक के सईद के साथ गहरे ताल्लुकात हैं, तो उन्हें गद्दार कहने में भी कोई पीछे नहीं हटेगा।












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