महाकुंभ में भगदड़ के पीछे केंद्र और यूपी सरकार की नाकामी: भाजपा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने कुम्भ हादसे के लिए केन्द्र व राज्य सरकार की कुव्यवस्था को दोषी ठहराया और कहा कि हृदयविदारक हादसे के बावजूद दोनो सरकारें अपनी जिम्मेदारी एक दूसरे पर टालने की राजनीति कर रही है। प्रदेश प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने आज सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि दोनो सरकारें अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। राज्य के एडीजी कानून व्यवस्था ने भी डिजास्टर प्रबंधन की कमी स्वीकार की है। मुख्यमंत्री व रेल मंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए क्षमा याचना करनी चाहिए। आश्चर्य है कि मुख्यमंत्री ने हादसे के बाद अब तक उक्त क्षेत्र का दौरा नहीं किया है।
लेकिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी आज सायं कुम्भ मेला पहुंच रहे हैं। वे स्वरूपरानी अस्पताल, रेलवे अस्पताल, रेलवे स्टेशन सहित हादसे से जुड़े स्थलों पर जायेंगे और हादसे की मुख्य वजह की जानकारी लेंगे। श्री दीक्षित ने कहा कि पुलिस पर श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यव्हार करने व लाठीचार्ज के गम्भीर आरोप हैं। भगदड़ का कारण पुलिस कार्रवाई ही बताई जा रही है। राज्य सरकार ने विश्व के सबसे बड़े मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या का ठीक अनुमान नहीं किया। यह तथ्य वरिष्ठ मंत्री बलराम यादव ने भी स्वीकार किया है कि भीड़ अनुमान से ज्यादा थी।
सपा सरकार को हिन्दू श्रद्धा की जानकारी नहीं है। यह सरकार कन्या विद्याधन के सामान्य कार्यक्रमों का भी उचित बन्दोबस्त नहीं कर पाती। कुम्भ की भारी भीड़ की तैयारी राज्य सरकार ने नहीं की। राज्य सरकार की लापरवाही के चलते कुम्भ मेला में तमाम अव्यवस्थाएं रही हैं। घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी नहीं थी। भीड़ नियंत्रण में भी अव्यवस्था थी। मंत्री आजम खां ने मेलाधिकारी से त्याग पत्र देकर विषयान्तर किया है। एक मंत्री घटना को मात्र संयोग बता रहे हैं। जबकि हादसे का मुख्य कारण सरकारी कुव्यवस्था है। सरकार के मंत्रियों में परस्पर समन्वय का अभाव है। मंत्रियों और अधिकारियों में भी समन्वय नहीं है। मुख्यमंत्री को सीधे कुप्रबंधन की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।













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