महाकुंभ में भगदड़, हादसे से डरे लोग जल्द चाहते हैं घर लौटना
इलाहाबाद। आस्था के सबसे बड़े धार्मिक पर्व महाकुंभ में कल हुए भगदड़ के बाद लोग डरे हुए है। लोग जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचना चाहते है। कल हुई भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत ने लोगों के मन में बैठा दिया है। अभी भी कई लाख श्रद्धालु कुंभ नगरी में मौजूद है हादसे के बाद जल्दी से जल्दी अपने घर पहुंचना चाहते हैं। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए मेला प्रशासन लोगों से मेला क्षेत्र में ही बने रहने की अपील कर रहा है।
प्रसासन बार-बार लाउडस्पीकर से घोषणा कर रहा है कि लोग अभी रेलवे स्टेशन या शहर के बाहर ना जाए। आस्था के इस महापर्व में लाखों करोड़ो लोग गंगा में पवित्र डुबकी लगाने कुंभनगरी पहुंच रहे है लेकिन यूपी सरकार और प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। रविवार को मौनी अमावस्या के दिन तकरीबन 3 करोड़ लोग पवित्र गंगा में स्नान करने पहुंचे थे। लेकिन कल हुए इस हादसे के बाद लोग काफी डरे हुए है।
अभी भी इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर लाखों की तादात में लोग जमा है जो किसी भी तरह से यहां से निकलना चाहते है। अभी भी मेला क्षेत्र में फंसे श्रद्धालु अपने परिजनों को खुद के कुशल होने की जानकारी दे रहा है। भीड़ का आलम ये है कि मेला क्षेत्र में बने साधु संतो के आश्रम श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। रविवार शाम को हुए हादसे से मेला क्षेत्र में गम का माहौल है लेकिन श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर रहकर आज भी संगम में डुबकी लगा रहे हैं।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए अब वापस अपने घर सुरक्षित पहुंचना चाहते है। यूपी सरकार और रेलवे मे यहां के लिए कई स्पेशन ट्रेनें शुरु कर दी है। ताकि भारी भीड़ से किसी भी तरह के भगदड़ और हादसों को रोका जाए। गौरतलब है कि इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड में 36 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 37 घायल हो गए। 14 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ 10 मार्च तक चलेगा।













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