राहुल गांधी-अखिलेश के दोस्त या दुश्मन?
अमेठी। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा एक दिन पहले गांधी परिवार को लेकर किए गए बयानबाजी के बाद कांग्रेस युवराज ने तल्ख तेवर अपनाते हुए सपा पर निशाना साधा है। दो दिन के दौरे में अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे राहुल गांधी ने करारा पलटवार करते हुए कहा है कि प्रदेश की सपा सरकार राज्य के विकास में रोड़ा डालती रही है। केन्द्र में यूपीए को बाहर दे समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अमेठी में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मुहैया कराए जाने का वादा किया था लेकिन वो अपने वादे को पूरा करने में पूरी तरह से नाकामयाब रही है।
केन्द्र में जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे की हितैशी बनती है तो वहीं राज्य में अपने-अपने वोट बैंक को बचाने रखने के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने से भी गुरेज नहीं करती। एक दिन पहले जहां सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह ने राहुल के शासन क्षमता पर सवालिया निशान लगाया था वहीं आज राहुल ने अपने वोट की राजनीति खेलते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं होने की वजह से विकास रुका हुआ है। कांग्रेस के युवराज राहुल ने कहा कि यूपी में अपनी सरकार न होने से हम विकास कार्य अपने मनमाफिक ढंग से नहीं करा पाते।

वही राहुल की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि राहुल पीएम उम्मीदवार के लायक नहीं है। मुलायम सिंह के इस बयानबाजी के बाद राहुल ने अपना पलटवार किया है। अखिलेश सरकार की किरकिरी करते हुए राहुल ने कहा कि यूपी के किसान परेशान हैं उन्हें खाद और बीज नहीं मिल रहा है। बिजली की समस्या है, बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा बहुत परेशान हैं। लेकिन प्रदेश सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। सपा और कांग्रेस की एक बयानबाजी से एकबात तो साफ है कि राजनीति में कोसी किसी का सगा नहीं होता। सपा भले ही केन्द्र में कांग्रेस को स्पोर्ट कर रही हो लेकिन 2014 के लोकसभा के लिए तीसरे मोर्चे की तैयारी कर रहे मुलायम सिंह कांग्रेस से किसी भी वक्त अपना समर्थन खींच सकते है। उन्हें बस सही मौके की तलाश है। वैसे भी बार-बार मुलायम यहीं कहते नजर आते है कि लोकसभा चुनाव समय से पहले होगा।












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