सरकार का सहयोग मिले तो चीन के उद्योगों की बराबरी कर सकते हैं: रतन टाटा

एक अग्रेजी अखबार को दिये गये साक्षात्कार में रतन टाटा ने कहा कि प्रधानमंत्री दफ्तर से कुछ जवाब आता है जबकि मंत्री का नजरिया कुछ और होता है। उद्योगों के विकास के लिए सरकार का सहयोग जरूरी है, आज अगर चीन में उद्योग धंधो का विकास तेजी से हो रहा है तो इसका कारण वहां की सरकार की नीतियां हैं जो उद्योगों के विकसित होने में सहयोग करती है।
उन्होने कहा कि सरकार औद्योगिक विकास के लिए सही निर्णय नहीं ले पाती है जिसके कारण घरेलू उद्योग विकसित नहीं हो पा रहा है। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी कंपनी एक स्टील प्लांट लगाने के लिए सरकार की अनुमति का सात से आठ साल तक इंतजार नहीं कर सकती है। उन्होने बताया कि उनके उत्तराधिकारी साइरस मिस्त्री विदेशों में व्यापार करने में रूचि ले रहे हैं। वह एशिया और दक्षिण अफ्रीका में व्यापार करना चाह रहे हैं, वह म्यांमार और बांग्लादेश में भी व्यापार की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने अभी हाल ही में संसद के दोनों सदनों में बहुमत हासिल किया है जिसे आर्थिक सुधारों की दिशा में सरकार की जीत माना जा रहा है वहीं रतन टाटा उद्योगों के विकास में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। अब सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है इसका सभी को इंतजार है।












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