राज्यसभा में भी सरकार की जीत, आकर रहेगा रिटेल में FDI

वोटिंग के दौरान सरकार को कम से कम 117 वोट चाहिये थे और एफडीआई के पक्ष में 123 वोटों के साथ विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी का प्रस्ताव सदन में गिर गया। वैसे इसमें कोई शक नहीं है कि अगर आज मायावती यूपीए के खिलाफ वोट करती तो निश्चित तौर पर प्रस्ताव राज्य सभा में पास नहीं हो पाता, क्योंकि राज्य सभा में एनडीए के पास बहुमत है।
अगर मायावती अपने सांसदों के साथ वॉकआउट कर जातीं तो सरकार को सिर्फ 108 वोट मिलते और तब जरूरी संख्या 115 वोटों की जो जाती और उस दशा में यूपी को करारा झटका लगता। लेकिन अब यह झटका भाजपा को लगा है।
इस प्रस्ताव के गिरने से सबसे अहम बात यह निकल कर आयी है कि वो यह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इस बार बसपा मुख्य सहयोगी दल के रूप में यूपीए के साथ होगी।












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