इंसानी दिमाग का सूप पीने वाले नरपिशाच राजा कलंदर को उम्रकैद

मालूम हो कि राजा कलंदर की यह दहला कर रख देने वाली कारगुजारी वर्ष 2000 में सामने आई थी जब एक अखबार के पत्रकार धीरेन्द्र सिंह की हत्या हुई थी। धीरेन्द्र के घरवालों ने जब हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया तो पुलिस जांच करते हुए तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य फूलन देवी के घर पहुंची। पुलिस ने तलाशी ली तो घर से धीरेन्द्र का सामान मिला और फूलन देवी के पति राजा कलंदर ने गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस उस वक्त हैरान हो गई जब राजा कलंदर के घर से नरमुंड बरामद किये गये।
उसके बाद राजा कलंदर ने ही अपने घर में गाड़े गए 14 नरमुंडों का भी खुलासा किया। अदालत में जो सबूत पेश किये गये उससे साफ जाहिर है कि राजा कलंदर एक सनकी किलर था। वो अपने दुश्मनों का गला काटकर उनका नरमुंड अपने पास रख लेता था। इसी तरह उसने 14 हत्याएं अंजाम दी। हत्याओं के पीछे उसका मकसद था अपने दुश्मनों को सबक सिखाना और दिमागी ताकत बढ़ाना। इसके लिए वो इंसान के दिमाग को उबालकर उसका सूप पीता। शव के अन्य हिस्सों को वो अपने फार्महाउस में सुअरों के सामने फेंक देता था।
खोपडियों को कलंदर फार्महाउस के पेड़ पर टांग देता। आईबीएन 7 में प्रकाशित खबर की मानें तो कलंदर जाति के मुताबिक इन खोपड़ियों पर नाम लिखकर उन्हें रंगता था और फिर उन्हें सामने रख उनकी अदालत लगाता और उन्हें सजा सुनाता। पुलिस को राजा कलंदर से एक डायरी भी मिली थी, जिसे वो अदालती डायरी कहता था। इसमें उनके नाम दर्ज थे, जिन्हें वो कत्ल कर चुका था या करना चाहता था।












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