शिव सेना से डर के कारण शाहीन ने फेसबुक अकाउंट डिलीट किया

इसके अलावा कुछ लोगों ने शाहीन के रिश्तेदार के क्लीनिक पर तोड़फोड़ की थी हालांकि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि वह शिवसैनिक ही थे। इस मामले पर लोगों की प्रतिक्रियाओं के बाद उसे पुलिस ने 15-15 हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। अपनी रिहाई के बाद शाहीन का कहना है कि बन्द के दौरान लोगों को रोज की जरूरी चीजें जैसे कि दूध और ब्रेड भी नहीं मिल पा रही थी। इसलिये मैंने ऐसा लिखा था। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मार्कडेय काटजू ने उन पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने की बात की है और कहा कि फेसबुक पर की गई पोस्ट में कुछ भी गलत नहीं हैं।
इस पर पुलिस का कहना है कि ऐसा एहतियात के तौर पर किया गया था। शाहीन और रेणु की की गिरफ्तारी का विरोध पूरे देश में हो रहा है। इसे अभिव्यक्ति की आजादी के संविधान प्रदत्त अधिकार का हनन माना जा रहा है। जिस पर भारत भर से लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए, जिन्होने यह गिरफ्तारी की हैं।












Click it and Unblock the Notifications