नौसेना दिवस: देखें इंडियन नेवी के शीर्ष 15 युद्धपोत
बैंगलोर।
किसी भी देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए जहाजों अर्थात पोतों की आवश्यकता होती है जो नवीनतम तकनीक और विध्वंसक क्षमता से लैस होते हैं। इन्हीं पोतों की शक्ति पर ही सेना की हार या जीत निर्भर करती है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>भारतीय
नौसेना के पास आईएनएस निर्भीक, आईएनएस गोदावरी और आईएनएस विक्रांत सेना के मुख्य पोत है। यह पोत विमान वाहक तो हैं ही साथ ही मिसाइल ले जाने और उसमें लगे सयंत्रों के माध्यम से चालित करने के कारण विध्वंसक भी होते हैं। इन्हीं पोतों की शक्ति के कारण भारत की नौसेना विश्व की सबसे मजबूत नौसेनाओं में से एक है। id='are-slot-2' class='oiad oi-axt oiadv'>
आईएनएस निर्भीक
आईएनएस निर्भीक भारतीय नौसेना की वीर श्रेणी का पोत है। इसका कुल भार 455 टन है। इसकी रफ्तार 59 किमी प्रतिघंटे है। इसकी लम्बाई 56 मीटर और चौड़ाई 10.5 मीटर है।

आईएनएस गोदावरी(एफ20)
आईएनएस गोदावरी(एफ20) एक स्वदेशी पोत है जिसका निर्माण मुंबई में किया गया था। इसे 10 दिसम्बर 1983 में नौसेना में शामिल किया गया था ।

आईएनएस कुठार
आईएनएस कुठार पोत में 14,400 हार्सपावर के दो डीजल इंजिन लगे होते है। इसकी लम्बाई 91.1 मीटर है और चौड़ाई 10.5 मीटर है। इसकी रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे है।

आईएनएस तलवार (एफ 40)
यह पोत भारतीय नौसेना की तलवार श्रेणी का पोत है। इसका निर्माण रूस में किया गया था। शामिल किये जाने के बाद से ही इस पोत को कई नौसैनिक आपरेशन में शामिल किया गया है।

आईएनएस मैसूर (डी60)
आईएनएस मैसूर (डी60) भारतीय नौसेना का मिसाइल वाहक पोत है जो कि अभी सेवा में है। यह एक स्वदेशी पोत है। जिसका निर्माण मुंबई में किया गया था।

आईएनएस विक्रांत (आर 11)
आईएनएस विक्रांत (आर 11) भारतीय नौसेना का विमानवाहक पोत है। इस पोत ने 1971 में भारत और पाकिस्तान के युद्ध में पूर्वी पाकिस्तान में समुद्री नाकेबन्दी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत ने इसे 1957 में यूनाइटेड किंगडम से खरीदा था।

आईएनएस ताबार( एफ44)
आईएनएस ताबार (एफ44) भारतीय नौसेना की तलवार श्रेणी का तीसरा पोत है। यह रूस निर्मित एक पोत है। यह कई मिसाइलों से लैस पोत है।

आईएनएस तरंगिनी
आईएनएस तरंगिनी भारतीय नौसेना का एक बड़ा पोत है। इसे 1997 में सेना में शामिल किया गया था। इसका निर्माण गोवा में किया गया था। इसका डिजाइन ब्रिटिश नौसेना के आकिटेक्ट कोलिन मूडी ने तैयार किया था।

आईएनएस विराट ( आर 22)
यह प्रशांत महासागर में सक्रिय विमान वाहक पोत है। यह आईएनएस ज्योति के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पोत है। इसे 1959 में रॉयल नौसेना के लिए बनाया गया था और 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

आईएनएस ज्योति
आईएनएस ज्योति भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक पोत है। जो विमान वाहक पोत है।

आईएनएस रनवीर ( डी54)
आईएनएस रनवीर ( डी54) भारतीय नौसेना की राजपूत श्रेणी का विध्वंसक विमान है। इसे 28 अक्टूबर 1986 को सेना में शामिल किया गया था।

आईएनएस करमुक (पी64)
आईएनएस करमुक( पी64) पोत ने अन्य नौसेना पोत जैसे कि आईएनएस(ए57) और आईएनएस राना पोत के साथ मिलकर जापानी नौसेना के साथ एडमिरल पी अजित सिंह के नेतृत्व में अभ्यास में भाग लिया था।

आईएनएस दर्शक
इसका निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में किया गया था और सन 2001 में एस.एस. कार्निक के कमांड में नौसेना में शामिल किया गया था। देश में निर्मित पहला आईएनएस दर्शक सबसे पहले 1964 में सेना में शामिल किया गया था।

आईएनएस शिवालिक ( एफ47)
इस पोत का नाम शिवालिक पर्वत श्रेणियों के नाम पर दिया गया है। इसका भारत 6200 टन है। इसकी लम्बाई 468 फीट और चौड़ाई 58 फीट है।

स्वदेशी आईएनएस विक्रांत
देश के पहले स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को 12 अगस्त 2013 को समुद्र में उतरा गया। आईएनएस विक्रांत को देश के रक्षामंत्री एके एंटनी ने अपनी पत्नी एलिजाबेथ के साथ कोच्चि में लॉन्च किया। विक्रांत का भारत 37,500 टन है, जो अमेरिका, यूके, रूस और फ्रांस के युद्धपोतों को टक्कर देगा।












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