बाल ठाकरे ने उड़ाई मनमोहन सिंह की खिल्ली

अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना में ठाकरे ने लिखा कि जिस तरह एफडीआई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार का बचाव किया वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जनता को अपने अर्थशास्त्र का मंत्र समझाना अब प्रधानमंत्री के बस की बात नहीं है।
मुखपत्र के संपादकीय में ठाकरे ने लिखा, "21 सितंबर को प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया, जिसे सुनकर मुझे हंसी आयी। पीएम का राष्ट्र को ऐसा संबोधन मैंने कभी नहीं सुना। इससे देश के सभी व्यापारी उनसे नाराज़ हो गये हैं। डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण महंगाई खुद-ब-खुद बढ़ गई, जिससे आम जनता एक बार फिर परेशान हो गई है। इसके बावजूद पीएम साहब यह कह रहे हैं कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते।"
ठाकरे ने पीएम से पूछा कि क्या पैसे कोयले की खानों से आता है या चारा या फिर बोफोर्स से निकलता है?
ठाकरे ने पीएम की खिल्ली उड़ाते हुए लिखा, "एक तरफ पीएम अत्याधिक आर्थिक संकट की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। यह पैंतरा मुझे समझ नहीं आया।"
ठाकरे ने अंत में यूपीए सरकार को आगाह कि कि अगर वो अपनी नीतियों में बदलाव नहीं लायेगी, तो देश की मजबूत जनता उसे उखाड़ फैंकेगी। आगे पढ़ें- मनमोहन-सोनिया के सामने दहाड़ेगी शेरनी।












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