सिरसा में पत्नी व दो बच्चों को जिंदा जलाया
सिरसा। सिरसा के साथ लगते गांव नटार ढाणी में एक व्यक्ति ने हैवानियत की हदें पार करते हुए छह माह के दूध पीते बच्चे व डेढ़ साल की बच्ची के साथ पत्नी को संदूक में बंद करके जिंदा जला दिया। आरोपी घटना के बाद से फरार है।
जानकारी के अनुसार मलकीत सिंह पुत्र भगत सिंह नटार में ढाणी में पत्नी अमरजीत कौर, छह माह के पुत्र सहज सिंह व डेढ़ साल की पुत्री नवदीप कौर के साथ रहता था। आज सुबह पड़ोसियों ने मलकीत सिंह के घर के अंदर से धुआं उठता देखा। पड़ोसी मलकीत सिंह के घर के अंदर गए तो देखा कि तीन कमरों के अंदर आग लगी हुई थी और घर में कोई मौजूद नहीं था।

इसकी खबर पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों कमरों में रखे हुए बड़े संदूक निकाले जिनमें आग लगी हुई थी। एक संदूक को खोलकर देखा तो उसके अंदर अमरजीत कौर, सहज सिंह व नवदीप कौर के जले हुए शव पड़े थे। संदूक के अंदर रखे हुए कपड़ों को आग लगी हुई थी। घटना को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आग रात को लगाई गई होगी। एसपी सिरसा देवेंद्र यादव, डीएसपी हैडक्वार्टर एसएस श्योराण, सीन ऑफ क्राइम की टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन आरोपी वहां से गायब था।
मलकीत सिंह पर अवैध संबंधों का आरोप
मृतका अमरजीत कौर के भाई गांव भंभूर निवासी रणधीर सिंह ने पुलिस व पत्रकारों को बताया कि उन्होंने अमरजीत कौर की शादी मलकीत सिंह के साथ फरवरी 2010 में की थी। रणधीर सिंह विदेश रहता है और पिछले दिनों गांव आया तो उसने मलकीत सिंह को पांच लाख रुपये देकर प्रॉपर्टी डीलर की दुकान करवाकर दी थी।
रणधीर सिंह का आरोप है कि मलकीत सिंह और पैसों की मांग करता था और उसके अन्य महिला से अवैध संबंध है। रणधीर सिंह का आरोप है कि पैसों की मांग पूरी न करने के कारण मलकीत सिंह उसकी बहन की पिटाई करता था। मंगलवार को मलकीत सिंह उस महिला को अपने घर लेकर गया था जिस पर अमरजीत कौर व मलकीत के बीच कहासुनी भी हुई थी। आरोप है कि उसी कहासुनी में मलकीत ने अमरजीत कौर व दोनों बच्चों को संदूक में बंद करके आग लगा दी जिससे उनकी मौत हो गई।
पति सहित चार पर केस दर्ज
सदर थाना प्रभारी जगदीश राय ने बताया कि मृतका अमरजीत कौर के भाई रणधीर सिंह के बयान पर पति मलकीत सिंह, ससुर भगत सिंह, देवर भोला व एक अन्य महिला (जिसका मलकीत से अवैध संबंध का आरोप है), के खिलाफ केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
क्या अकेला मार सकता है तीन को?
नटार ढाणी में बीती रात जो घटना हुई है, उसके लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मौके पर एकत्रित लोगों में इस बात को लेकर चर्चा थी कि क्या अकेला व्यक्ति महिला व दो बच्चों को संदूक में जबरदस्ती बंद कर सकता है?। क्या मलकीत सिंह के साथ अन्य कोई था। जब आग लगाई तो महिला ने शोर क्यों नहीं मचाया। यदि शोर किया होगा तो पड़ोसियों को सुनाई क्यों नहीं दिया।
यह भी चर्चा चल रही थी कि हो सकता हो, तीनों को जलाने के बाद संदूक में बंद किया हो क्योंकि संदूक को बंद करने के बाद आग उतनी तेजी से नहीं भड़क सकती, जितनी खुली हवा में लगती है। अब पुलिस इन सवालों के जवाब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हल कर पाएगी।












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