बम में खामी न होती तो जल उठता पुणे, चारों तरफ होती लाशें

सूत्रों के अनुसार सीरियल बम धमाका बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था, लेकिन बम की डिजाइन की खामी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। डिजाइन में कमी के कारण बम कम तीव्रता के साथ फटा जिससे बड़ी हानि नहीं हो सकी। ऐसा बताया जा रहा है कि धमाके में शामिल विस्फोटकों की मात्रा से ऐसा लगता है कि बड़े स्तर ब्लास्ट को अंजाम देने की तैयारी थी।
जांच एजेंसिया विस्फोट के तरीकों और उपयोग में लायी गयी चिजों पर विशेष रूप से ध्यान दे रही है। विस्फोट में उपयोग की गयी चिजों को गहनता से परखने के बाद विश्लेषकों का कहना है कि एक बड़े विस्फोट को अंजाम देने की तैयारी की गयी थी। फॉरेंसिक विषेषज्ञों का कहना है कि बम में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कम किया गया था, इसके साथ ही इसमें टाइमर घड़ी भी लगी हुई थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि स्टील बक्से के साथ टाइमर लगाया गया था, और इसको नियोजेल से जोड़ा गया था। अमोनियम नाइट्रेट तेल के द्वारा सभी विस्फोटक पदार्थो को बांधा गया था। पुणे पुलिस ने 4 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने विस्फोट में घायल एवं संदिग्ध दयानंद पाटील, पत्नी सत्यशीला और दो भाईयों बालू और चिंटू देशमुख को हिरासत में लिया है।












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