मूर्ति का सिरकलम कर जानी को फोन पर बताया, हो गया काम

Uttar Pradesh cheaf of Nav Nirman Sena, Amit Jani
लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति की सिरकलम करने का पूरा प्‍लान पहले ही बन चुका था। सूबे की राजधानी लखनऊ स्थित प्रेस क्‍लब में गुरुवार को दोपहर के करीब 1 बजे उत्‍तर प्रदेश नव निर्माण सेना अध्‍यक्ष अमित जानी उर्फ अमित अग्रवाल की प्रेस कांफ्रेंस चल रही थी। अमित जाना की तरफ से मीडिया को दिये गये प्रेस नोट में लिखा गया था कि अगर 72 घंटे के भीतर माया की मूर्तियों को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया तो उनकी सेना उसे तोड़ देगी।

प्रेस कांफ्रेस चल ही रही थी कि अमित जानी के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल अटेंड करते ही जाना ने मायावती की मूर्ति तोड़ने का ऐलान कर दिया। इस बात से साफ जाहिर होता है कि मूर्ति तोड़े जाने का कार्यक्रम पहले से फिक्‍स था। मालूम हो कि गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राज में मायावती की मूर्ति का सिर फोड़ दिया गया है। कुछ शरारती तत्‍वों ने इस घटना को लखनऊ के गोमतीनगर में अंजाम दिया। पूर्व नियोजित साजिश के तहत मायावती मूर्ति का सिर तोड़कर गर्दन से अलग कर दिया, जबकि हाथ व पर्स भी क्षतिग्रस्त कर दिए। इससे पहले वहां तैनात विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा वाहिनी के जवान उन्हें पकड़ने का प्रयास करते चारों भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया था।

अमित जानी पर 5 हजार का इनाम

अमित जानी का नाम चर्चा में तब आया था, जब 2009 में महाराष्ट्र में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने हिंदी भाषियों का उत्पीड़न शुरू किया था। उसने उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना बनाई और उसका स्वयंभू अध्यक्ष बन गया। उसने 2010 में छीपीटैंक स्थित शिवसेना कार्यालय में आगजनी और तोड़फोड़ की। इस मामले में अमित पर लालकुर्ती थाने में जानलेवा हमले और बलवे के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि अमित के खिलाफ जेपी नगर के डिडौली थाने में डकैती का केस दर्ज है। इस मामले में उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित है।

सेना के अध्यक्ष अमित जानी के खिलाफ 7 मामले

लखनऊ। यूपी नव निर्माण सेना का गठन कब और किसने किया था इस बात की जानकारी किसी के पास नहीं है। प्रदेश के डीजीपी का कहना है कि इस संगठन की अभी तक प्रदेश में कोई गतिविधि नहीं थी। अचानक यह संगठन उभरा है और अब इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। डीजीपी के इस बयान के विपरीत खुद को सेना का अध्यक्ष बताने वाला शक्स अमित जानी एक अपराधी है और उसके खिलाफ सात आपराधिक मुकदमें चल रहे हैं। डीजीपी कहते हैं कि यूपी नव निर्माण सेना के बारे में खुफिया विभाग के पास भी कोई जानकारी नहीं है। छानबीन सिर्फ इस बात का पता जरुर चला है कि यूपी नव निर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी मूल रूप से मेरठ जनपद का रहने वाला है उसके खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलो में अपराधिक मामले दर्ज हैं। उधर कहा जा रहा है कि सेना के द्वारा कुछ कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें कई बड़े लोग देखे गए।

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