कांग्रेस की कमेटी बतायेगी असम में कितने मरे, कितना हुआ नुकसान

आपको बताते चलें कि सीएम तरुण गोगोई ने आज अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर आखिरकार राज्य के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा किया जिस दौरान उन्होंने कहा की पहले की अपेक्षा स्तिथि अब नियंत्रण में है पढ़ें असम में 44 की मौत, सीएम बोले स्थिति नियंत्रण में और दो - तीन दिन में हालात सामान्य हो जायंगे।
गौरतलब है की बीते एक सप्ताह से असम जल रहा है। राज्य में गोलीबारी और आगजनी के चलते अब तक 44 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं दो लाख से अधिक लोग अपने घरों से बेघर हैं अभी भीं करीब एक दर्जन लोग लापता हैं राज्य के कोकराझार जिले में अनिश्चिकालीन कर्फ्यू जारी हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री का देर से पहुंचना और उसके बाद ये कहना की हालात सही है खराब हालातों का बकान मीडिया द्वारा किया जा रहा है। अपने आप ये बात चरितार्थ करता है कि देश और राज्य की सरकारें तभी जागती हैं जब कोई बड़ी अनहोनी घट जाती है।
आपको बता दें कि अभी भी राज्य के चिरांग और धुबरी जिलों में रात का कर्फ्यू जारी है है।जिसके चलते करीब दस लाख लोगों ने सरकार द्वारा मुहैय्या कराए गए रहत शिविरों में शरण ले रखी है।
वहीँ दूसरी तरफ अगर सूत्रों कि माने तो तमाम पार्टियों के सांसदों ने बीते दिन गृहमंत्री पी चिदंबरम से असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की शिकायत की है। तमाम सांसदों ने एक सुर में अपना तर्क देते हुए चिदंबरम से कहा है कि इन दंगों की सबसे बड़ी वजह खुद मुख्यमंत्री गोगोई हैं क्योंकि सरकार द्वारा करी गयी लापरवाही के चलते राज्य में हुए इन दंगों ने इतना विकराल रूप लिया है। अतः अब केंद्र को इस मामले पर हस्तक्षेप करना चाहिए और बेसहारा लोगों की मदद करनी चाहिए।












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