आरुषि हत्याकांड: नूपुर की जमानत अर्जी पर अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब

उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसमें 31 मई को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गयी थी। निचली अदालत ने दो मई को नूपुर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। वह उच्चतम न्यायालय के सख्त निर्देश के बाद निचली अदालत में पेश हुई थीं। उच्चतम न्यायालय ने कई समन जारी किये जाने के बावजूद नूपुर के पेश नहीं होने पर निचली अदालत द्वारा जारी गैरजमानती वारंट पर स्थगन लगाने से भी इनकार कर दिया था।
14 वर्षीय आरुषि 16-17 मई, 2008 की दरमियानी रात को नोएडा के जलवायु विहार स्थित अपने घर में मृत मिली थी। 17 मई को तलवार दंपति के घरेलू नौकर हेमराज का शव अपार्टमेंट की छत पर मिला। गाजियाबाद अदालत ने नूपुर और उनके पति राजेश तलवार के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य होने की बात मानते हुए उन पर हत्या तथा साक्ष्यों को नष्ट करने के मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने पहले ही नूपुर को किसी तरह की राहत देने से इनकार करते हुए हत्या के मामले में उन पर राजेश के साथ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी थी।












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