दिल्ली में बिजली के बाद अब पानी भी निजी हाथों में

Delhi govt planning to privatize water sector
दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली सरकार अब धीरे-धीरे मूलभूत सुविधाओं को भी निजी हाथों में सौंपने जा रही है। पहले बिजली को निजी हाथों में सौंपा अब पानी को भी निजी हाथों में देने की तैयारी है। हालांकि इसके पीछे सरकार का तर्क है कि इससे पानी की आपूर्ति सुधरेगी। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अगले दो साल के भीतर इस काम को अंतिम रूप देने की बात कही है। शीला दीक्षित ने कहा, सरकार पानी की वितरण प्रणाली भी बिजली आपूर्ति व्यवस्था की तर्ज पर बदलना चाहती है और निजीकरण ही इसका सबसे बेहतर उपाय है।

विपक्षी दलों ने किया विरोध

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की इस घोषणा के बाद मुख्य विपक्षी भाजपा ने एक बार फिर विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। भाजपा नेता वी.के. मल्होत्रा ने कहा कि हम सरकार के इस मंशे को कामयाब नहीं होने देंगे। इससे दिल्ली वासियों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। विजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकार जिस तरह से सभी सेवाओं को निजी हाथों में सौंप रही है ऐसे में कॉरपोरेट्स मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। बिजली का भी निजीकरण किया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, सरकार अब अस्पतालों को भी निजी हाथों में सौंपने की तौयारी में हैं।

अभी भी मुंबई से महंगा है दिल्ली में पानी

दिल्ली सरकार जल प्रबन्धन सुधारने के नाम पर राजधानी के कई वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों का निजीकरण करने जा रही है। निजीकरण के बाद से पानी की कीमत कई गुना बढ़ जाएगा। दिल्ली में जिस पानी के लिए महीने में 907 रुपये चुकाने होते हैं उतने ही पानी के लिए मुंबई में 160 रुपये का बिल आता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+