दिल्ली में बिजली के बाद अब पानी भी निजी हाथों में

विपक्षी दलों ने किया विरोध
मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की इस घोषणा के बाद मुख्य विपक्षी भाजपा ने एक बार फिर विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। भाजपा नेता वी.के. मल्होत्रा ने कहा कि हम सरकार के इस मंशे को कामयाब नहीं होने देंगे। इससे दिल्ली वासियों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। विजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकार जिस तरह से सभी सेवाओं को निजी हाथों में सौंप रही है ऐसे में कॉरपोरेट्स मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। बिजली का भी निजीकरण किया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, सरकार अब अस्पतालों को भी निजी हाथों में सौंपने की तौयारी में हैं।
अभी भी मुंबई से महंगा है दिल्ली में पानी
दिल्ली सरकार जल प्रबन्धन सुधारने के नाम पर राजधानी के कई वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों का निजीकरण करने जा रही है। निजीकरण के बाद से पानी की कीमत कई गुना बढ़ जाएगा। दिल्ली में जिस पानी के लिए महीने में 907 रुपये चुकाने होते हैं उतने ही पानी के लिए मुंबई में 160 रुपये का बिल आता है।












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