आदर्श घोटाला: अशोक चव्हाण ने देशमुख पर लगाया आरोप

चौहान ने इस दौरान कहा कि पूर्व सीएम विलासराव देशमुख ने जल्द की फाइल का निपटारा करने का निर्देश दिया था। उन्होंने इस पूरे मामले में अपने आप को पूरा अलग बताया है। उन्होने पलड़ा झाड़ते हुए कहा कि राजस्व मंत्री का काम केवल फाइल को ऊपर पहुंचाना होता है। चव्हाण ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुणे और मुंबई की किसी भी जमीन का फैसला देखमुख का ही होता था।
नवंबर 2010 में आदर्श सोसायटी घोटाले खुलकर सामने आया था। इस 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस 31 मंजिला इमारत में कई अनियमितता और नियमो को ताख पर रखकर किये गये कामों के कारण जांच बैठा दी गयी थी। इस मामले में कई सेवानिवृत सैन्य अधिकारी और ऊंचे कद के नौकरशाहों के भी नाम है।
गौरतलब है कि सन 1999 से 2003 तक विलास राव देशमुख मुख्यमंत्री थे उस समय अशोक चव्हाण राजस्व मंत्री थे। चव्हाण ने कहा था कि आदर्श के प्रोजेक्ट को देशमुख ने ही पाश किया था। यह सोसाइटी रक्षा सेवा के सदस्यों और युद्ध में शहीद हुए सैनियों की विधवाओं के लिए बनाया गया था, लेकिन आवंटन के समय भारी अनियमितता देखी गयी।












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