खुद पर हुए मायावती के जुल्‍म बयां किये राजा भैया ने

Raja Bhaiya
लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के निर्वाचित माननीयों को अब दूसरे जिलों की जेलों में नहीं रहना पड़ेगा उनके लिए यह व्यवस्था होगी कि वह अपने ही जिला जेलों में रह सके। प्रदेश के जेल मंत्री रघुराज प्रताप सिंह ने विधानसभा में यह घोषणा करते हुए मायावती द्वारा उन पर किये जुल्मों को बंया किया।

जेल मंत्री ने कहा कि बसपा की सरकार की कड़वी यादें हैं लेकिन राज्य सरकार प्रतिशोध के लिये कोई काम नहीं करेगी। सरकार निर्वाचित जनप्रतिनिधि को उसके निर्वाचन क्षेत्र के जिलों में रखने तथा जेल में विशेष सुविधा और सुरक्षा देने पर विचार कर सकती है। श्री सिंह ने कहा कि बसपा की दो सरकार के कार्यकाल में निर्वाचित जनप्रतिनिधि होते हुये भी वह 26 महीने जेल में रहे। जेल उनके लिये सुधार गृह नहीं बल्कि यातना गृह था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके जेल में रहने पर नये नियम बनाये जिसके तहत उनके खून के रिश्ते का ही कोई व्यक्ति उनसे मुलाकात कर सकता था। श्री सिंह ने कहा कि उनके पिता भी जेल में थे। मां 75 साल की है लिहाजा वह मिलने नहीं आ सकती थीं। उनका कोई भाई-बहन नहीं है। पत्नी खून के रिश्ते में नहीं है इसलिये मिलने नहीं दिया जाता था। उन्हें कानपुर, बरेली और मध्य प्रदेश की जबलपुर जेल में भी रखा गया।

राजा भैया ने बताया कि बरेली जेल में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को चार घंटे इन्तजार कराने के बाद भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव और आजम खां को भी मिलने के लिये कई घंटे इन्तजार कराया गया । जेल मंत्री ने कहा कि अपराध करने वाला ही जेल में नहीं होता बल्कि कभी कभी हालात भी किसी को जेल पहुंचा देते हैं।

उन्होंने बरेली जेल में 24 साल बंद रहे ओडिशा के जयराम झाबर का उदाहरण दिया और कहा कि जमानत के पांच हजार रूपये नहीं होने पर वह इतने साल तक जेल में रहा। उन्होंने कहा कि अब जेल में बंद कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि यह कह सकता है कि उसके साथ अब पिछली सरकार की तुलना में कैसा व्यवहार होता है।

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