राष्ट्रपति चुनावों में समीकरण की गुगली के लिए ममता दोषी: कांग्रेस

राष्ट्रपति चुनावों को लेकर वाम दलों के साथ सहमति कायम करने के प्रयासों के बीच कांग्रेस नेता का यह जवाब महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने माकपा नेता बुद्धदेव भटटाचार्य से टेलीफोन पर बातचीत की है। माकपा और तृणमूल पश्चिम बंगाल में एक दूसरे के धुर प्रतिद्वंद्वी हैं। कांग्रेस नेता से जब पूछा गया कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर जिस तरह का वातावरण तैयार हो रहा है उसमें क्या कांग्रेस और तृणमूल के संबंध मजबूत बने रहेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि हम अभी भी मानते हैं कि वह हमारी सहयोगी हैं।
हम उनसे गठबंधन छोडने के लिए नहीं कहेंगे। कांग्रेस के ही एक अन्य नेता ने हालांकि विश्वास जताया कि ममता अंतत: इस मुद्दे पर हमारे साथ होंगी। उन्होंने इस बात से सहमति नहीं जतायी कि ममता द्वारा तीन नामों का ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चुनौती है। उनका कहना था कि हमने कई चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया है। तृणमूल कांग्रेस ने हाल के महीनों में कांग्रेस के लिए खासी सिरदर्दी पैदा की है।
उसने सरकार के कई प्रस्ताव रूकवाये और बांग्लादेश के साथ तीस्ता जल बंटवारा समझौते के समय संप्रग सरकार की किरकिरी करायी थी। तृणमूल प्रमुख ममता द्वारा कल प्रणव मुखर्जी को सोनिया गांधी की पहली और हामिद अंसारी को दूसरी पसंद बताये जाने को नकारते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि सलाह मशविरे की प्रक्रिया अभी चल रही है और सोनिया ने अब तक किसी नाम को अंतिम रूप नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब इस तरह की बातचीत चल रही हो तो सार्वजनिक रूप से नामों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए।












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