बिना शपथ पत्र के दर्ज होगी मोबाइल गुम होने की शिकायत

पुलिस अक्सर इस जिम्मेदारी से बचने की कोशिश में रहती है। इसी कारण रोजाना जितनी संख्या में सिम गुम या चोरी होते हैं, उतनी शिकायतें दर्ज नहीं होतीं। ज्यादातर डुप्लीकेट सिम के लिए लोग शिकायत दर्ज करवाते हैं। पुलिस का कहना है कि बगैर शपथ पत्र रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। मगर शपथ पत्र लेने से सभी सुरक्षित हो जाते हैं। शपथ पत्र इस बात का वादा होता है कि शिकायतकर्ता खुद उस सिम का दुरुपयोग नहीं करेगा। शिकायत झूठी पाए जाने पर शपथ पत्र के आधार पर पुलिस उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। शपथ पत्र तभी लिया जाना चाहिए, जब कोई संदेह हो। अन्यथा साधारण शिकायत पर इसकी कोई जरूरत नहीं।
एक अनुमान के मुताबिक सिम गुम होने पर पचास फीसदी से ज्यादा लोग पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते। सिर्फ वही लोग रिपोर्ट दर्ज कराते हैं, जिन्होंने पुराना नंबर दोबारा लेना हो। क्योंकि इसके लिए मोबाइल कंपनी एफआईआर की कॉपी मांगती है। उसके बगैर डुप्लीकेट सिम कार्ड नहीं मिलता। ऐसे में शपथ पत्र बनवाना लोगों की मजबूरी बन जाती है। सिम गुम होने पर उसके दुरुपयोग का डर सबको लगता है। लेकिन पुलिस के झंझट के डर से अक्सर लोग यह बात किस्मत पर छोड़ देते हैं।
एडवोकेट मुकेश कुमार का कहना है कि यदि सिम गुम हो जाए तो शपथ पत्र देने में हमें एतराज नहीं होना चाहिए। यदि पुलिस इसे अनिवार्य मानती है तो गलत है, क्योंकि परिस्थितिवश साधारण शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज हो सकती। पुलिस को शपथ पत्र तभी अनिवार्य करना चाहिए। जब किसी पर संदेह हो। आपात स्थिति में पुलिस शिकायतकर्ता का आईडी फ्रूफ लेकर भी शिकायत दर्ज कर सकती है।












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