विकास की रफ्तार में सबसे आगे बिहार, यूपी पिछड़ा

देश में विकास की जो रूपरेखा सामने आई है उसके अनुसार, बिहार विकास की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। उसके विकास की गति प्रतिवर्ष 13.1 फीसदी है। हालांकि 2010-11 में वह 14.8 फीसदी के आंकड़े को छू गया था। इस लिहाज से 2011-12 में 1.7 फीसदी कम तर रहा। यानी बिहार की अर्थव्य।
वस्थास अब पंजाब से भी ज्यादा बड़ी हो गई है। उस पंजाब से जो पलायन करने वाले बिहारियों के लिए पसंदीदा जगह बना हुआ था। बिहार के बाद तीव्र विकास में दिल्ली का दबदबा है। वह दूसरे नंबर पर है। यहां विकास की गति 11.3 फीसदी है। हालांकि 2010-11 में यह 10.9 फीसदी के करीब था जो 0.4 फीसदी ज्यादा का ग्रोथ किया है।
दिल्ली के बाद पांडिचेरी का नंबर है। जिसकी विकास की गति 11 फीसदी है। यह पिछले साल 8 फीसदी के विकास दर से आगे बढ़ रहा था। पांडिचेरी के बाद छत्तीसगढ़ और गोवा का नंबर है।
छत्तीसगढ़ में विकास की गति 2010-11 में 11.2 फीसदी थी वहीं इस बार वह 10.8 फीसदी के ही आंकड़े को छू पाया है। वहीं गोवा की विकास गति 2011-11 में जहां 10.7 है वहीं 2010-11 में वह 8.3 फीसदी के करीब था।
सांख्यिकीय मंत्रालय को सौंपे गए ताजा दस्ताकवेजों के मुताबिक पंजाब, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाफद यानी जीडीपी की विकास दर 2011-12 में राष्ट्री य औसत (6.5 फीसदी) से भी कम रहा। विकास में जो सबसे ज्यादा पिछड़े हैं उसमें अंडमान, अरुणाचल, नगालैंड पंजाब और यूपी हैं।












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