पंजाब के 'AAP' नेता पर तीन दिन में दूसरी ED रेड, केजरीवाल बोले- सत्ता के लिए PM मोदी की 'ओंछी राजनीति'
AAP ED Raids Punjab Ministers: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। महज तीन दिन में दूसरी रेड, पहले राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल के ठिकानों पर, अब पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और कार्यालयों पर छापेमारी। पार्टी ने इसे भाजपा शासित केंद्र सरकार की 'तानाशाही' और 'चुनावी साजिश' बताया है।
आप राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री सत्ता के लिए कितनी ओंछी राजनीति कर रहे हैं, पूरा देश देख रहा है।' पार्टी के तमाम शीर्ष नेता भगवंत मान, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, आतिशी और अनुराग ढांडा ने एक स्वर में ईडी-सीबीआई को 'भाजपा का हथियार' बता रहे हैं और पंजाब चुनाव से पहले इस 'पैटर्न' पर सवाल उठा रहे हैं।

केजरीवाल का तीखा सवाल: 'अनगिनत रेड में कितना काला पैसा मिला?'
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, 'आम आदमी पार्टी के नेता के यहां तीन दिन में यह दूसरी ईडी रेड है। क्या प्रधानमंत्री जी बताएंगे कि अभी तक 'आप' नेताओं के यहां जो इतनी सारी अनगिनत रेड की हैं, उनमें कितना काला पैसा मिला? एक रुपया भी मिला? पूरा देश देख रहा है कि आप केवल सत्ता के लिए कितनी ओछी राजनीति कर रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था गिरकर छठे स्थान पर आ गई है, रुपया कमजोर हो रहा है, काम-धंधे बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है... लेकिन मोदी सरकार के पास विपक्ष के नेताओं के घर ईडी भेजने से फुर्सत नहीं है।'
भगवंत मान का ऐलान: 'पंजाबी सिर कटा देगा, लेकिन डर के आगे नहीं झुकेगा'
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'भाजपा शासित केंद्र सरकार लगातार लोकतंत्र की हत्या करने के प्रयास कर रही है। ईडी की छापेमारी केवल उन्हीं राज्यों में क्यों, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है? पंजाब चुनाव जीतने का सपना ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग के सहारे देखना छोड़ दें। पंजाबी सिर कटा देगा, लेकिन डर के आगे झुकेगा नहीं। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि देश और संविधान बचाने के लिए है।'
संजय सिंह का व्यंग्य: 'मोदी जी के तोते सक्रिय हो गए'
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लिखा, 'मोदी जी के तोते सक्रिय हो गए हैं। पंजाब चुनाव के पहले कई बार तोतों को पंजाब का दौरा करना पड़ेगा। मंत्री संजीव अरोड़ा पर कार्रवाई तानाशाही है।'
सौरभ भारद्वाज का खुलासा: 'चुनावी पैटर्न साफ है'
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'ईडी ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह एक स्पष्ट पैटर्न है। भाजपा इसी तरह राज्य चुनावों की तैयारी शुरू करती है।'
आतिशी का आरोप: 'हार का डर और कायरता'
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने लिखा, 'पिछले तीन दिन में 'आप' नेताओं पर दूसरी कार्रवाई। पहले अशोक मित्तल और अब संजीव अरोड़ा। चुनाव से पहले 'आप' नेताओं को निशाना बनाना भाजपा की हार का डर और कायरता दिखाता है। पंजाब की जनता इसका जवाब देगी।'
अनुराग ढांडा का सवाल: 'सैकड़ों रेड में एक रुपया भी मिला?'
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा, 'मोदी सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। अब लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे। पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है, फिर वो सही ही होता है? आम आदमी पार्टी के नेताओं पर सैकड़ों ईडी-सीबीआई रेड में आज तक क्या मिला? एक रुपया भी काला धन मिला है तो मोदी जी सामने आकर देश को बताएं। वरना जनता के टैक्स के पैसों को राजनीतिक रेड पर बर्बाद करना बंद कीजिए।'
क्यों गरमा रहा है पंजाब का माहौल?
यह घटना पंजाब विधानसभा चुनाव (2027) से पहले की जा रही है। AAP 2022 में भारी बहुमत से सत्ता में आई थी। पार्टी का दावा है कि केंद्र सरकार राज्य में AAP की लोकप्रियता देखकर 'राजनीतिक प्रतिशोध' ले रही है।
पैटर्न क्या कहता है?
AAP के मुताबिक, हर राज्य चुनाव से पहले जहां AAP या विपक्षी सरकारें हैं, वहां ईडी-सीबीआई की रेड बढ़ जाती हैं। पंजाब में यह दूसरी रेड महज 72 घंटे में आई है। पार्टी पूछ रही है - 'अभी तक एक भी केस में काला पैसा या भ्रष्टाचार साबित क्यों नहीं हुआ?'
राजनीतिक मायने
- AAP का नैरेटिव: 'तानाशाही vs लोकतंत्र'। केजरीवाल इसे 'सत्ता की भूख' बता रहे हैं।
- भाजपा का काउंटर (अभी तक): केंद्र सरकार ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन पिछले कई मामलों में ईडी का दावा रहा है कि छापेमारी 'सबूतों' के आधार पर होती है।
- पंजाब का इतिहास: राज्य की 'क्रांतिकारी भूमि' का जिक्र करते हुए भगवंत मान ने साफ संदेश दिया कि पंजाबी दबाव में नहीं झुकते।
AAP ने पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन और जनसभा का ऐलान किया है। पार्टी का फोकस अब 'जनता के टैक्स पैसे की बर्बादी' और 'चुनावी दखलंदाजी' पर है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो 2027 के चुनाव में 'वोट फॉर डेमोक्रेसी' का मुद्दा AAP का सबसे बड़ा हथियार बन सकता है। विपक्ष (कांग्रेस समेत) इस मुद्दे पर AAP के साथ खड़ा होने की संभावना है, जबकि भाजपा इसे 'कानून का राज' बता सकती है।













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