हरियाणा को मिली एम्स-2 की सौगात

AIIMS
चंडीगढ। हरियाणा में गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में आज एक और नया अध्याय जुड़ गया जब केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने झज्जर के बाढ़सा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति में 300 एकड़ भूमि पर बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स-2) की आऊटरीच ओपीडी का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा कि हरियाणा हर क्षेत्र में नम्बर-वन बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि उत्पादकता, पढ़ाई, खेलकूद, बहादुरी, दूध के अलावा धर्मनिरपेक्षता के मामले में भी नम्बर एक है। सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा रखी गई तीन मांगों को मानते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक नर्सिंग स्कूल की स्थापना तथा एम्स-2 में चतुर्थ श्रेणी के 5 से 10 प्रतिशत गैर तकनीकी पदों पर बाढ़सा गांव के लोगों को वरीयता देने की घोषणा की।

आजाद ने कहा कि एम्स-2 की आऊटरीच ओपीडी को चार महीने के भीतर शुरू हो जायेगी और इसमें एक हजार लोगों को प्रतिदिन ओपीडी सुविधाएं मिल सकेगी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा की मांग पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नैशनल कैंसर इस्ट्रीच्यूट को स्थापित करने की भी मंजूरी प्रदान की।

इस प्रस्तावित संस्थान को बादशाह बताते हुए आजाद ने कहा कि हरियाणा में स्थापित होने वाला यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के संस्थान से बड़ा होगा और इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर तथा राजस्थान के लोग भी स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित होंगे।

इस एम्स में अत्याधुनिक शोध एवं अनुसंधान के लिए भी व्यवस्था होगी और अनेक ऐसी चीजें स्थापित की जायेगी, जो दिल्ली के एम्स में कम जगह होने के कारण शुरू की जा सकी। उन्होंने कहा कि यहां एक ऐसा राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किया जायेगा, जिसमें कैंसर, हृदय और संक्रामक रोगों के बारे में शोध एवं इलाज हो सकेगा। इसके अलावा, मेडिकल कालेज एवं नर्सिंग कालेज की सुविधा भी होगीं, जहां सस्ते दामों में नई तकनीक से ईलाज मुहैया करवाया जायेगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान को विकसित होने में 5 से 6 साल का समय लगता है और इस दौरान लोगों को सुविधाएं देने के लिए ओओपीडी का निर्माण किया जा रहा है, जहां एम्स के डॉक्टर प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीजों को चिकित्सा दे सकेंगे।

आजाद ने एम्स के निदेशक को निर्देश दिये कि अगले 5-6 सालों में जब तक एम्स-2 बनकर तैयार होता है, वे इस संस्थान में तकनीकी पदों का विश्लेषण करके संस्थान में स्थानीय युवाओं के रोजगार के लायक बनाने के लिए संबंधित कोर्स शुरू करें। उन्होंने कहा कि देश में छह अन्य स्थानों मध्यप्रदेश के भोपाल, उड़ीसा के भुवनेश्वर, राजस्थान के जोधपुर, बिहार के पटना, छत्तीसगढ़ के रायपुर तथा उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थापित किये जा रहे है।

भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस एम्स की स्थापना इलाके के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यहां पर संस्थान के बनने से स्वास्थ्य सेवाओं एवं रोजगार के अवसरों में बहुत तेजी से विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश का नाम झज्जर के कारण पूरे देश में चमकेगा। इस अवसर पर श्री हुड्डा ने बाढ़सा गांव के लिए तीन सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा भी की।

समारोह को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राव नरेन्द्र सिंह, एम्स के निदेशक आरसी डेका, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो वीरेन्द्र सिंह और बादली के विधायक नरेश शर्मा ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल, विधायक रघुवीर सिंह कादियान, बीबीइबतरा, राजेन्द्र सिंह जून, पूर्व मंत्री धीरपाल सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद सागर, जयदीप धनखड़, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुंदरपाल सिंह, ओएसडी रविन्द्र हुड्डा, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अनुराधा गुप्ता, हरियाणा की स्वास्थ्य सचिव नवराज संधू, पं भगवत दयाल चिकित्सा विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति डॉ एसएस सांगवान, कांग्रेस नेता राज सिंह जाखड़, बिमला धनखड़ के अलावा अनेक स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।

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