नरेंद्र मोदी ने देश को समर्पित किया एशिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सौर विद्युत की महत्ता के मद्देनजर गुजरात सरकार अब छत आधारित रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी लाने जा रही है। जिसके परिणामस्वरूप आम आदमी भी अपने मकान की छत पर सूर्य ऊर्जा के जरिए बिजली पैदा कर सरकार को बेच सकेगा।
उत्तर गुजरात के रेगिस्तानी इलाके चारणका में 3000 एकड़ बंजर भूमि पर मुख्यमंत्री की प्रेरणा से स्थापित गुजरात सोलर पार्क समग्र एशिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है, जिसका शिलान्यास मोदी ने किया दिसंबर 2010 में किया था। यह सोलर पार्क विंड और सोलर एनर्जी का हाईब्रिड पावर प्रोजेक्ट है। पार्क को विकसित करने के लिए देश-विदेश की 21 अंतरराष्ट्रीय सोलर पावर कंपनियां गुजरात सरकार की सहभागी बनी हैं। खास बात यह है कि महज एक वर्ष के रिकार्ड समय में ही सौर ऊर्जा के जरिए 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन करने वाला यह पार्क क्रियान्वित हुआ है।
चारणका की मरुभूमि को स्वर्णिम सूर्यतीर्थ में रूपांतरित करने वाले सोलर पावर डेवलपर्स को अभिनंदन देते हुए मुयमंत्री ने गुजरात के 10 जिलों में आज से कार्यरत हुए कुल 600 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट को चारणका से एक साथ राष्ट्र को समर्पित किया। मोदी ने इस निर्माण में सहभागी बनने के लिए डेवलपर्स कंपनी के पदाधिकारी संचालकों का स्वागत करने के साथ अमेरिका के काउंसिल जनरल पीटर हेश, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) तथा इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईएफसी) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।
गैर परंपरागत और वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों की दिशा में राष्ट्र को समर्पित सोलर प्लांट की इस ऐतिहासिक घटना को विश्व के लिए पथप्रदर्शक करार देते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा सुरक्षा का एक अग्रिम कदम है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ऊर्जावान बनाने की दिशा में विश्व के लिए प्रस्तुत एक विजन भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेन्ज के संकटों से घिरी दुनिया को क्लाइमेट जस्टिस की राह दिखाने का हमारा ख्वाब है।चारणका के जरिए गुजरात की यह पहल देश ही नहीं समग्र विश्व को पर्यावरण मैत्रीपूर्ण ऊर्जा की दिशा बतला रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने देश में सर्वप्रथम सोलर एनर्जी पॉलिसी पेश 2009 में क्रियान्वित की जबकि भारत सरकार इस संबंध में प्राथमिक विचार ही कर रही थी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रारंभ में इस पर प्रति यूनिट 15 रुपये का खर्च आता था, जो अब घटकर 8.50 रुपये हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में जैसे-जैसे सूर्य ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ता जाएगा तब इसकी कीमत प्रति यूनिट 4 रुपये तक पहुंच जाएगी।
मोदी ने कहा कि आज समग्र देश में गुजरात पावर सरप्लस स्टेट बन चुका है बावजूद इसके रिन्युएबल एनर्जी के विकास के लिए वर्तमान में 2000 करोड़ रुपये का निवेश आवंटित किया गया है। यह बतलाता है कि क्लाइमेट चेन्ज के लिए विश्व को वैकल्पिक ऊर्जा की ओर प्रेरित करने की दिशा में गुजरात पथप्रदर्शक बना है।
उन्होंने कहा कि इस रेगिस्तानी इलाके के बाशिंदों को सूर्य की प्रखर तपिश से पीड़ा होती थी। आज पाकिस्तान की सरहद से लगा हुआ यह क्षेत्र सूर्य ऊर्जा के जरिए हिन्दुस्तान के विकास की शक्ति के रूप में ऊर्जा क्षेत्र में अग्रसर बना है। भारत और विश्व कोयला, गैस और थर्मल जैसे परंपरागत ईंधनों की कमी के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में गुजरात ने सूर्य और पवन ऊर्जा से विद्युत शक्ति पैदा कर आगामी पीढ़ियों के भविष्य के कल्याण की दिशा बताई है। उन्होंने कहा कि केवल दस वर्ष में ही गुजरात ने 4000 मेगावाट विद्युत उत्पादन से छलांग लगाते हुए 18,000 मेगावाट के स्वप्न को साकार किया है।












Click it and Unblock the Notifications