सीबीआई के सामने करने होंगे एंटनी को भी खुलासे

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री ने पिछले माह संसद को बताया था कि सितंबर, 2010 में तेजिंदर सिंह द्वारा रिश्वत की पेशकश किए जाने के तत्काल बाद सेनाध्यक्ष ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। तेजिंदर सिंह सेनाध्यक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने सेनाध्यक्ष के साथ-साथ सेना के कुछ आला अधिकारियों के खिलाफ अदालत में मानहानि का मुकदमा दाखिल किया है।
उधर, कोच्चि में रक्षा खरीद को लेकर हाल में मचे बवाल के बीच रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि देश का हित सर्वोपरि है और इस मामले में न तो कुछ छिपाया जाएगा और न ही बदले की भावना से कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां जरा भी संदेह होगा जांच कराई जाएगी। भारतीय तटरक्षकों के एक कार्यक्रम से इतर कोच्चि में एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, हमारी एकमात्र चिंता देशहित को लेकर है। हम किसी देश या कंपनी के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा, रक्षा सौदों को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जब किसी को अनुबंध नहीं मिलता है तो आलोचना की जाती है व आरोप लगाए जाते हैं। कुछ कंपनियां अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश करती हैं और यदि यह साबित हो जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। इजरायल, रूस, जर्मनी, सिंगापुर की छह व भारत की दो कंपनियों को हाल ही में काली सूची में डाला गया है।












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