आखिरकार खत्म हुआ जाट आरक्षण आंदोलन

हम आपको याद दिला दें कि पिछले वर्ष 13 सितंबर को पुलिस प जाटों के बीच हुई झड़प के दौरान सुनील श्योराण की गोली लगने से मौत हो गई थी। जाट आरक्षण की मांग को लेकर लामबंद हुए जाट समुदाय व सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए सोमवार को हिसार के पीडब्लयूडी रेस्ट हाऊस में बातचीत हुई। इसमें आंदोलनकारियों की 21 सदस्यीय कोर कमेटी, जिसमें आठ सदस्य आरक्षण समिति से, 3 मय्यड़ गांव से, 2 सदस्य मृतक संदीप के परिवार से व आठ सदस्य विभिन्न खापों से लिए गए। सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री के ओएसडी एमएस चोपड़ा, विधायक धर्मवीर व जयप्रकाश जाट नेताओं से बातचीत के लिए भेजे गए।
इसके बाद समिति के सदस्यों ने रामायण गांव के पास धरने पर बैठे आंदोलनकारियों व मृतक संदीप के पिता जोगीराम के समक्ष कहा कि सरकार मृतक के परिवार वालों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उसे शहीद का दर्जा देगी। इसी दौरान यह भी कहा गया कि सरकार अपना पूरा प्रयास करेगी की केंद्र जल्द से जल्द आरक्षण के मुद्दे पर फैसला लाए। इस पर सभी आंदोलनकारियों ने समिति के सदस्यों व नेताओं की बात पर सहमति जताते हुए आंदोलन वापिस लेने की बात कही।
इससे पहले आंदोलनकारियों ने अपने रूख में नरमी दिखाते हुए संदीप के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। समाचार लिखे जाने तक रामायण गांव के पास रेलवे ट्रेक पर बैठे आंदोलनकारी अपना बोरिया बिस्तरा समेटने में लगे हुए थे। धिरे-धिरे प्रदेश के कई हिस्सों से सड़क जाम व रेलवे ट्रेक जाम खत्म होने की खबरें आने लगीं।












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