'BJP सिर्फ नारी को नारा बना रही', कौन हैं Ragini Sonker? जिसने CM Yogi के सामने कहा- 'हर रोज जलाई जाती हूं'
Ragini Sonkar Target BJP: 30 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) की युवा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने एक बार फिर सदन को हिला दिया। महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर बुलाए गए इस एक दिवसीय सत्र में रागिनी ने काव्यात्मक अंदाज में BJP सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJP नारी को सिर्फ नारा बनाकर राजनीति करना चाहती है। नकली आरक्षण का धोखा देकर शतरंज नचाई जाती है।
अपनी कविता में बोलीं, 'मैं यूपी की नारी हूं, बेखौफ सताई जाती हूं... रामराज्य का नारा देकर बलि चढ़ाई जाती हूं। सिंदूर, कोख और इज्जत नोच जिंदा लाश बनाई जाती हूं... मैं यूपी की नारी हूं, हर रोज जलाई जाती हूं।'

यह भाषण सदन में हंगामे के बीच आया, जब विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने थे। विशेष सत्र लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद BJP द्वारा विपक्ष (सपा-कांग्रेस) के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए बुलाया गया था। लेकिन रागिनी सोनकर ने इसे 'BJP का राजनीतिक षड्यंत्र' करार देते हुए कहा कि सितंबर 2023 में पारित बिल की अधिसूचना अभी तक नहीं निकाली गई। असली मकसद आरक्षण देना नहीं, बल्कि सत्ता की राजनीति है।

Ragini Sonkar Attack: Mulayam Singh का उदाहरण और BJP पर तीखा प्रहार
रागिनी सोनकर ने सदन में खड़े होकर मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा, 'नेताजी ने महिलाओं को पंचायत चुनाव में 33% आरक्षण देकर ब्लॉक प्रमुख, प्रधान और बीडीसी की कुर्सी तक पहुंचाया। लेकिन BJP ने नारी को सिर्फ नारा बना रखा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP महिलाओं का इस्तेमाल करके सत्ता हथियाना चाहती है। कहा कि 'नारी वंदन झूठा है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण पर BJP की नीतियां सिर्फ दिखावा हैं।'

उन्होंने BJP विधायक अनुपमा जायसवाल का भी जिक्र किया (जो पहले सपा में थीं और अखिलेश यादव का पोस्टर जलाने का मामला सामने आया था)। रागिनी ने कहा कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पहले अनुपमा जी का हाल जानने गए थे, जबकि BJP उन्हें अपनी ओर खींच रही है। उनका पूरा भाषण महिलाओं के खिलाफ कथित अपराधों, दैनिक उत्पीड़न और 'रामराज्य' के नाम पर हो रही बलि का था। सदन में उनकी कविता सुनकर विपक्षी बेंच से तालियां बजने लगीं, जबकि सत्ता पक्ष हंगामा करने लगा।

यह रागिनी का पहला बड़ा भाषण नहीं है। वे सदन में अपनी आक्रामक और तथ्यपूर्ण शैली के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले भी उन्होंने बेरोजगारी, बिजली, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा है।
Brajesh Pathak Response: ब्रजेश पाठक का जवाब, सपा पर पुराने आरोपों का पलटवार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रागिनी सोनकर और सपा के हमले का सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'सपा के लोग महिला सम्मान की बात करते हैं, लेकिन यही लोग थे जिन्होंने मायावती जी को स्टेट गेस्ट हाउस में घेर लिया था। सपा के गुंडे-माफिया ने उनके कमरे की बिजली काट दी, सिलेंडर खोलकर हत्या करने की कोशिश की। उस वक्त BJP ने मायावती की मदद की थी।'

पाठक ने आगे फूलन देवी का किस्सा सुनाया, 'संग्राम सिंह ने फूलन देवी की चर्चा की, लेकिन हकीकत यह है कि सपा के लोगों ने ही फूलन देवी को डाकू बनाया था।' उनका पूरा भाषण सपा के पुराने रिकॉर्ड पर आधारित था, जिसमें बसपा-बीजेपी गठबंधन के समय की घटनाओं का जिक्र था। पाठक ने कहा कि BJP महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जनधन खाते, उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं लाई है, जबकि सपा-कांग्रेस सिर्फ विरोध कर रहे हैं। सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि PM मोदी ने महिलाओं के नाम 10 करोड़ गैस सिलिंडर दिए। लेकिन विपक्ष ने सदन को हंगामे में बदल दिया।
Who Is Ragini Sonker: डॉ. रागिनी सोनकर कौन हैं? 'डॉक्टर से नेता' तक का सफर
डॉ. रागिनी सोनकर उत्तर प्रदेश की उभरती हुई युवा चेहरा और सपा की मुखर विधायक हैं। वे जौनपुर जिले की मछलीशहर (SC) विधानसभा सीट से 2022 से विधायक हैं। 11 दिसंबर 1990 को वाराणसी में जन्मी रागिनी राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता कैलाश नाथ सोनकर वाराणसी की अजगरा सीट से 15 साल तक सुभासपा विधायक रहे। रागिनी ने अलग राह चुनी और सपा जॉइन की। उनकी शादी फरवरी 2020 में डॉक्टर संबित मलिक से हुई, जो खुद नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं।
- शिक्षा और पेशा: पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं। कोलकाता के प्रसिद्ध आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से MBBS किया। फिर AIIMS, दिल्ली से नेत्र रोग (Ophthalmology) में MD। राजनीति में आने से पहले AIIMS में प्रैक्टिस की। यही वजह है कि उन्हें 'डॉक्टर रागिनी' कहा जाता है।
- राजनीतिक सफर (Ragini Sonker Political Career): 2022 के UP विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताया। मछलीशहर सीट पर BJP के दिग्गज मेहीलाल गौतम को 8,484 वोटों से हराकर वे पहली बार विधायक बनीं। सपा के दलित चेहरे के रूप में वे तेजी से उभर रही हैं। सदन में उनकी मुखरता, कविता और तीखे सवाल उन्हें सुर्खियों में लाते रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी सक्रिय, जहां वे यूपी की महिलाओं, युवाओं और दलितों के मुद्दे उठाती हैं।
- संपत्ति (Ragini Sonker Net Worth) चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति करीब 10 करोड़ 91 लाख रुपये है, जबकि देनदारियां 4 करोड़ 93 लाख। कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं।
विशेष सत्र का माहौल: राजनीतिक जंग और महिलाओं का मुद्दा
30 अप्रैल का सत्र मूल रूप से महिला आरक्षण पर केंद्रित था, लेकिन यह सपा-बीजेपी की पुरानी दुश्मनी का मैदान बन गया। सपा और कांग्रेस ने 2027 के UP चुनाव में 33% आरक्षण की मांग की, जबकि BJP ने उन्हें लोकसभा में बिल गिराने का जिम्मेदार ठहराया।
रागिनी सोनकर जैसी युवा नेताओं का उदय सपा को नई ऊर्जा दे रहा है। वे न सिर्फ डॉक्टर हैं, बल्कि कवयित्री और आक्रामक वक्ता भी। उनकी कविता 'यूपी की नारी हूं...' अब वायरल हो रही है।
क्यों मायने रखता है यह भाषण?
यह घटना UP की राजनीति में महिलाओं के मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच गहरी खाई को दिखाती है। रागिनी सोनकर ने सपा को 'महिला हितैषी' दिखाने की कोशिश की, जबकि ब्रजेश पाठक ने पुरानी घटनाओं से सपा को घेरा। 4 मई को बंगाल चुनाव नतीजों की तरह, UP में भी 2027 का चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। डॉ. रागिनी सोनकर जैसी नेता इस लड़ाई में सपा की नई ताकत साबित हो रही हैं। अब देखना होगा कि यह 'नारी नारा' वाली जंग आगे कैसे बढ़ती है।












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