भत्ते की उम्मीद के साथ लगीं यूपी के बेरोजगारों की कतारें
यह हालात अकेले राजधानी लखनऊ में ही नहीं कई अन्य प्रदेशों में की है जहां नियोजन कार्यालय पर कथित बेरोजगारों की लाइन लग रही है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में बेरोजगारों को भत्ता देने के वायदे ने नियोजन कार्यालय में भीड़ बढ़ा दी है। लखनऊ इलाहाबाद, कुशीनगर, गोंडा और बलरामपुर समेत अन्य जिलों में बड़ी संख्या में पढ़े लिखे कथित बेरोजगार पंजीकरण के लिये पहुंच रहे हैं। बलरामपुर और गोंडा के नियोजन कार्यालय के प्रमुख का कहना है कि पहले चालीस से पचास पंजीकरण रोज होते थे लेकिन अब पंजीकरण कराने वालों की संख्या में इजाफा हो गया हैं यह संख्या प्रतिशत 70 के पार पहुंच रही है।
यही हाल इलाहाबाद के नियोजन कार्यालय का है, वहां भी कार्यालय के बाहर युवाओं की लाइन लगी है सभी की इच्छा है कि वह जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें ताकि बेरोजगारी भत्ता मिलते समय उन्हें भी इसका लाभ मिले। सेवायोजन कार्यालय पर बढ़ रही भीड़ का कारण सपा तथा भाजपा के घोषणा पत्र में युवाओं को नौकरी देने तथा नौकरी नहीं दे पाने पर बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा माना जा रहा है। सपा ने प्रतिमाह एक हजार तो भाजपा ने प्रति माह दो हजार रूपया बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा अपने घोषणा पत्र में किया है। कांग्रेस ने बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा नहीं किया है लेकिन घोषणा पत्र में कहा गया है कि रोजगार दिलाने के लिये वह तेजी से पहल करेगी। ज्ञात हो कि सपा की पिछली सरकार में लाखों लोगों ने बेरोजगारी भत्ते का लाभ लिया था।













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