एनसीटीसी पर मची रार, भाजपा खुलकर सामने आई

उन्होंने सरकार के भीतर से देश के संघीय ढांचे पर सवाल खड़े करने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अगर वाकई सरकार संघीय ढांचे पर प्रश्नचिन्ह लगाना चाहती है, तब तो राज्यों का विरोध और भी ज्यादा जायज है। सरकार ने पहले लोकायुक्त मामले में राज्यों के अधिकार अपने हाथों में लेने की कोशिश की और अब वह उसके कानून-व्यवस्था के अधिकार को भी कब्जाना चाहती है। जेटली ने केंद्र को नसीहत देते हुए कहा कि संघीय ढांचा संविधान के मूल में निहित है। इसमें संसद भी संशोधन नहीं कर सकती है। भाजपा नेता ने कहा कि आतंकवाद से केंद्र व राज्य दोनों के साथ मिलकर ही लड़ा जा सकता है, लेकिन केंद्र मौका देखकर पाला बदल लेता है तो गंभीर मामला है।
उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एनसीटीसी की स्थापना का समर्थन किया और कहा कि इसके गठन से राज्यों के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा संबंधी खतरे से निपटने में राज्यों के सहयोग के लिए एनसीटीसी का गठन हो रहा है। दीक्षित ने कहा कि यह (एनसीटीसी का विरोध) दुर्भाग्यपूर्ण है जिसका संबंध देश की सुरक्षा से है। हर किसी को सुरक्षा की चिंता है। इससे (एनसीटीसी के गठन से) सुरक्षा उपायों में सहयोग मिलेगा, उनका सहयोग हो सकेगा। उन्होंने इन आलोचनाओं को खारिज कर दिया कि आतंकवाद निरोधक निकाय के गठन से संघीय ढांचे में बाधा आएगी।












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