कॉल सेंटर में तब्दील हुआ चुनाव आयोग का दफ्तर
लखनऊ। हैलो मैं चुनाव आयोग से बोल रहा हूं, आपने वोट डाला या नहीं, आपको मतदाता पर्ची मिली या नहीं और आपको वोट डालने में कोई परेशानी तो नहीं हुई। जी हां यह मौजूदा हाल है लखनऊ स्थित चुनाव आयोग दफ्तर का। चुनाव आयोग का दफ्तर इस समय कॉल सेंटर के रूप में तब्दील हो चुका है जो पूरे राज्य की चुनाव प्रक्रिया की मॉनीटरिंग कर रहा है। मुख्य चुनाव अधिकरी उमेश सिन्हा ने एक टीम का गठन किया है और खुद उनके साथ मिलकर चुनाव को पारदर्शी रूप देने में लग गये हैं।
चुनाव आयोग दफ्तर की बात करें तो चारो तरफ टेलीविजन लगाये गये हैं। एक टीम मीडिया पर नजर बनाये हुए है तो दूसरी टीम मतदान केद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों पर। खुद उमेश सिन्हा इन्हें निर्देश दे रहे हैं और मतदाताओं से सीधे फोन पर बात करे रहे हैं। इस बावत उमेश सिन्हा ने बताया कि उनकी कोशिश है कि इस बार यूपी में रिकार्डतोड़ वोटिंग हो। उमेश सिन्हा ने बताया कि वह किसी भी हालत में निष्पक्ष चुनाव कंडक्ट कराना चाहते हैं।
चुनाव आयोग दफ्तर के अंदर ही एक अलग सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर में बैठने वाले अधिकारियों को उमेश सिन्हा ने ही चुना है। इलाकों के लोगों को लागातार फोन किया जा रहा है और उनसे मतदान प्रक्रिया के बारे में पूछा जा रहा है। जिस इलाके के लोगों को फोन किया जा रहा है उसका फीडबैक भी लिया जा रहा है। यहां पर लगे कंप्यूटरों पर सीधे मतदान केंद्र से वेबकास्टिंग की जा रही है।
वेबकास्टिंग से सबसे बड़ा प्रभाव यह पड़ा है कि इस बार एक भी जगह जबरन ईवीएम छीने जाने की खबर नहीं मिली है। यही नहीं किसी भी मतदान केंद्र अगर कोई तकनीकी गड़बड़ी होती है, कुछ ही सेकेंडों में चुनाव आयोग के कॉल सेंटर पर सूचना आ जाती है। इस वेबकास्टिंग के जरिये पोलिंग ऑफीसर्स पर भी आयोग पैनी नजर बनाये हुए है, ताकि फर्जी मतदान नहीं हो। सच पूछिए तो अगर इस चुनाव के बाद यूपी की किसमत चमकी तो उसके पीछे सिर्फ मतदाताओं के वोट नहीं होंगे, बल्कि चुनाव आयोग की फूलप्रूफ व्यवस्था भी होगी।













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