कसाब को फांसी नहीं उम्रकैद चाहिए
नई दिल्ली। 26/11 के आतंकी हमले में पकड़ा गया एक जिंदा आतंकी अजमल आमिर कसाब को अब मौत नहीं उम्रकैद कैद चाहिए। यह बात उसने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा है।
उसने कहा कि मौत की सजा सुनाते हुए निचली अदालत ने जो तर्क रखे थे वे दोषपूर्ण थे। आतंकी कसाब की ओर से पेश एमिकस क्यूरे राजू रामचंद्रन ने न्यायाधीश आफताब आलम और सी.के. प्रसाद की खंडपीठ से कहा कि निचली अदालत ने कसाब को मौत की सजा सुनाने के दौरान जिन कारणों को पेश किया गया उन्हें स्पष्ट रूप से खारिज किया जाए।
इससे पहले कसाब ने कहा था कि वह हमले की साजिश में शामिल नहीं था बल्कि मात्र एक एजेंट था। न्यायालय ने कसाब की दलील को अविश्वसनीय एवं अकल्पनीय बताया था। गौरतलब मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को उसके देश पाकिस्तान ने ही कहा था कि भारत को उसे फांसी दे देनी चाहिए।













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