एसएमएस बतायेगा सरकारी दुकान पर राशन है कि नहीं

आपकी उचित दर की दुकान (एफपीएस) पर राशन (चावल, गेहूं व चीनी) है या नहीं, इसकी जानकारी एसएमएस से मिलेगी। आपूर्ति भवन पहाड़गंज में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री हारुन यूसुफ ने इलेक्ट्रानिक पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सप्लाई चेन मैनेजमेंट (ईपीडीएससीएम) का शुभारंभ किया। इसका लाभ दिल्ली के 17.5 लाख राशनकार्ड धारकों को मिलेगा। हारुन यूसुफ का कहना है कि नए सिस्टम से आरडब्ल्यूए, विधायक या राशनकार्ड धारक सीधे सिस्टम से जुड़ जाएंगे।
दिल्ली में 2502 एफपीएस हैं। इन पर 33.36 लाख राशनकार्ड धारक हैं, लेकिन इसमें से 15.59 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जो राशन नहीं लेते। मासिक करीब 5 लाख क्विंटल अनाज राशन की दुकान पर मिलता है। वर्तमान में उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि एफपीएस पर जाते हैं तो वहां जवाब मिलता है कि राशन खत्म हो गया। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री का कहना है कि नए सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी। उपभोक्ता राशन की दुकान पर आने वाले स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन व एसएमएस से ले सकेगा।
इतना ही नहीं भविष्य में ऑनलाइन और कॉल सेंटर से शिकायतें भी दर्ज की जा सकेंगी। विजिलेंस कमेटी के चेयरमैन व आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि भी इस सेवा में रजिस्टर होकर निगरानी कर सकते हैं। खाद्य एवं आपूर्ति सचिव/आयुक्त धर्मपाल ने बताया कि ईपीडीएससीएम से भविष्य में बहुत सी सुविधाएं जुड़ेंगी। उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं तो यह भी सूचना मिलेगी कि उनके राशन दुकान का अनाज कब और किस ट्रक से कितना भेजा गया है। इन सूचनाओं के आने पर उपभोक्ता अगले दिन राशन की दुकान पर पहुंच सकता है। राशन न मिले तो यहां करे शिकायत धर्मपाल ने बताया कि अगर उपभोक्ता को राशन नहीं मिलता तो वह कंट्रोल रूम नंबर 011-23370841 या ईमेल आईडी शिकायत की जा सकती है। इतना ही नहीं भविष्य में पोर्टल के साथ पब्लिक रिड्रेशल सिस्टम भी जोड़ा जाएगा।
कोई भी राशन कार्डधारक दुकान (एफपीएस) या किसी अन्य दुकान के राशन आने की जानकारी के लिए मोबाइल नंबर का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। उसके लिए (http://epds.nic.in/nic-scbpdsDEL/epds) साइट पर आएं। होम पेज के सबसे नीचे पीडीएस लाभार्थी का एसएमएस रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। एक अलग पेज खुलेगा जिसमें सबसे पहले मोबाइल नंबर, पासवर्ड, नाम, पता, जिला, पिन कोड, सर्किल नंबर और एफपीएस फीड करके सबमिट करके रजिस्ट्रड हो सकते हैं।
उपभोक्ता को राशन दुकान में अनाज का स्टेटस मिलेगा। ट्रक नंबर समेत डिटेल विजिलेंस कमेटी, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भी जाएगा। इसके कारण छापेमारी में भी आसानी होगी। इतना ही नहीं ट्रक का नंबर भी होगा, रास्ते में ट्रक किस और जगह के लिए डायवर्ट तो नहीं हो रहा है इसकी ट्रैकिंग कर सकेंगे।












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