फलक की स्थिति गंभीर, आरोपी राजकुमार करता था बच्चों की खरीद-फरोख्त

एम्स में मौत से जूझ रही दो साल की बच्ची फलक को वेंटीलेटर से हटाए जाने के बाद उसकी हालत स्थिर लेकिन नाजुक बनी हुई है। फलक का इलाज कर रहे डॉक्टर दीपक अग्रवाल का कहना है कि बच्ची कोमा में है और यह कहना सही नहीं है कि वह खतरे से बाहर है। उधर पुलिस को जानकारी मिली है कि राजकुमार ने चार शादियां की हैं। मुंबई-बिहार में एक-एक शादी करने से पहले वह दिल्ली में शादी कर चुका था। इतना ही नहीं उसने दिल्ली में ही एक नाबालिग से भी ब्याह रचाया।
यहीं नहीं लक्ष्मी के पति रामकुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर (बिहार) में वेश्यावृति कराने और लूटपाट के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में वह जेल भी जा चुका है। रामकुमार का एक भाई पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। दिल्ली पुलिस के बिहार पहुंचने से पहले ही रामकुमार सपरिवार घर से फरार हो गया है। लक्ष्मी ने पुलिस को बयान दिया था कि फलक को उसकी मां मुन्नी उसके पास छोड़कर गायब हो गई थी। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिहार गई टीम से मिले इस इनपुट्स के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है कि कहीं फलक को बिहार से खरीदकर दिल्ली तो नहीं लाया गया था।
इस तरह की तफ्तीश के कई कारण हैं। एक तो लक्ष्मी और फलक की असली मां मुन्नी, लक्ष्मी का पति रामकुमार, मनोज, उसकी पत्नी सभी मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। हालांकि लक्ष्मी ने मुन्नी को यूपी निवासी बताया था। ऐसे में बिहार से फलक को लाने का संदेह जाता है। दूसरा, आरोपी जिस जगह के रहने वाले हैं वहां बहुत ही गरीबी है। ऐसे में यह नहीं माना जा सकता कि गरीब होने से मुन्नी दिल्ली आ जाए।
तीसरा वहां से कई बच्चे गायब बताए जा रहे हैं। हो सकता है कि बच्चों को बिहार से खरीदकर दिल्ली में ऐसे माता-पिता को बेचा जाता हो जिनके संतान नहीं है। इसके पीछे गिरोह काम कर रहा हो, फलक भी उन्हीं में से एक बच्ची हो। हालांकि पुलिस को अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस को राधा मामले में राहुल नामक युवक का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि राहुल ने ही आरती के जरिए राधा को राजकुमार को दिलवाया था। संगम विहार पुलिस राहुल की तलाश कर रही है। वहीं राजकुमार, मनोज, उसकी पत्नी, लक्ष्मी के पति रामकुमार के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
दिल्ली पुलिस का कहना कि राधा (बदला हुआ नाम) अलग-अलग बयान दे रही है। अब उसने जो बयान दिया है कि राजकुमार के पास एक बच्चा और था। राधा ने सीआरपीसी 164 के तहत हुए बयान और पुलिस के सामने कही बातों में यह बात नहीं आई है। अगर राधा ने इस तरह का बयान दिया है कि तो पुलिस उसका फिर से बयान लेगी। संगम विहार और वसंतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने राधा के हाल ही में दिए गए बयान के बारे में किसी तरह तरह की जानकारी होने की बात से इनकार किया है। संगम विहार थाना पुलिस गिरफ्तार संदीप और पूजा को लेकर एटा गई है। ये दोनों एटा (यूपी) निवासी हैं। पुलिस इनके द्वारा दिए गए बयान की पुष्टि करेगी। पूछताछ में पता चला है कि पूजा किशोरी राधा को एटा लेकर गई थी।
यहां बुजुर्ग से शादी कराना चाहती थी। संगम विहार पुलिस और वंसतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस में तालमेल का अभाव है। राजकुमार की तलाश में दोनों थाना पुलिस की टीमें एक ही जगह दबिश दे रही हैं। दोनों थाना पुलिस को राजकुमार, मुन्नी और मनोज की तलाश है। अधिकारी मान रहे हैं कि अगर दोनों थाना पुलिस तालमेल कर और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर दबिश दें तो राजकुमार सहित अन्य आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सकता है।












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