यूपी संग्राम में राजाओं का बोलबाला

सबसे पहले बात करते हैं यूपीए सु्प्रीमो सोनिया गांधी के ससुराल यानी रायबरेली की। जहां की सियासत अरखा के युवराज अजय पाल सिंह को कांग्रेस का टिकट दिया गया है। आपको यहां बता दें कि यह वो ही अजय पाल सिंह हैं जिन्होंने पिछले चुनाव में बसपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या को हराया था। इस बार वो ऊंचाहार सीट से लड़ रहे हैं। यही हाल रायबरेली के ही तिलोई राजघराने का है जहां के कुंवर मयंकेश्वर शरण सिंह साईकिल के सहारे चुनावी लड़ाई जा रहे हैं।
अब बात करते हैं मायावती के कट्टर दुश्मन और मुलायम के बेहद करीबी प्रतापगढ़ के कुंड़ा विधायक राजा भैया की जिनकी कुर्सी पांचवी बार चुनावी दंगल का सामना करने जा रही है। यूं तो वो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना सिक्का कई बार जमा चुके हैं लेकिन मुलायम के प्रिय ठाकुर ने नांम से मशहूर राजा भैया पूरी तरह से सपा का समर्थन करते हैं।
अब चलते हैं ताजनगरी आगरा। जहां के भदावर घराने के राजकुमार महेंद्र अरिदमन सिंह सपा प्रत्याशी के रूप में चुनावी दंगल में उतर रहे है। इससे पहले वो भाजपा से लड़ चुके हैं लेकिन इस बार उन्होंने मुलायम का हाथ थामा है। तो वहीं गोंड़ा के मनकापुर राजघराने के राजा आनंद सिंह को भी सपा ने टिकट दिया है।
यही नहीं सपा ने इस बार इलाहाबाद के कुंवर उज्ज्वल रमण सिंह को भी टिकट दिया है। उज्ज्वल रमण सिंह, सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह के बेटे हैं। सपा ने इस बार महाराजगंज के महाराज कुंवर शिवेंद्र प्रताप सिंह को भी अपने टिकट पर चुनावी घमासान में उतारा है।
तो वहीं सिद्धार्थनगर के घरुआर राजघराने के चौधरी रवींद्र प्रताप को कांग्रेस ने टिकट दिया है। इस चुनावी दंगल में राजकुमारों और राजाओं का बोलबाला है। इतना तो तय है कि राजाओं को टिकट मिलने की वजह से इस चुनाव में दिलचस्पी लोगों की काफी बढ़ गयी है। देखना दिलचस्प होगा कि किस राजा को विजयमाला मिलती है औऱ किसे शिकस्त नसीब होती है।












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