फिर कटघरे में माया सरकार, मनरेगा मामले में हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

मनरेगा को लेकर माया सरकार की मुश्किलें बढऩे वाली हैं यदि मायावती के मंशा के अनुरूप सबकुछ न हुआ तो आने वाले कुछ ही दिनों में मनरेगा की जांच भी सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति कर दी जाएगी। गौरतलब है कि मनरेगा को लेकर सच्चिदानन्द गुप्ता ने हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है कि मनरेगा की जांच सीबीआई से करायी जाए। न्यायमूर्ति प्रदीपकान्त एवं न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा है कि आगामी तीन जनवरी तक जवाबी हलफनामा दायर कर सभी पक्ष अदालत को अवगत करायें।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि केन्द्र सरकार ने हर एक गरीब व्यक्ति को ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष में सौ दिन निश्चित रोजगार दिये जाने के उद्देश्य से मनरेगा अधिनियम बनाकर राज्य सरकार को इसके लिये करोडों रूपये दिए थे। याचिका में कहा गया कि मनरेगा में करोड़ों रूपये की अनियमितता की गई। याचिका में कहा गया कि राज्य के गोण्डा, महोबा, बलरामपुर, सन्तकबीरनगर, कुशीनगर, मिर्जापुर तथा सोनभद्र में मनरेगा के घोटाले प्रकाश में आये जहां करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गयी। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर धांधली हुई है लिहाजा इसकी जांच सीबीआई से करायी जाए। याचिकाकर्ता के वकीलों ने खंडपीठ को बताया कि मनरेगा घोटाले में राज्य में विभिन्न पदों पर आसीन नौकरशाह व राजनीतिक नेता सहित अनेक लोग शामिल हैं।












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