तेल पाइपलाइन नष्ट करने पर मिलेगी मौत की सजा

लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री आर पी एन सिंह ने आश्वासन दिया कि सरकार देश में तेल एवं गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के इस काम में उन किसानों और लोगों को शामिल करने के सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी जिनकी भूमि से पाइपलाइन गुजरती है।
उन्होंने कहा कि इस मकसद से ग्राम पंचायतों को भी अधिकार देने पर विचार किया जायेगा। विधेयक में आरोपियों पर खुद को निर्दोष साबित करने का जिम्मा डाले जाने पर कुछ सदस्यों द्वारा आपत्ति जताये जाने पर मंत्री ने कहा कि यह प्रावधान के केवल माफिया और तोड़फोड़ करने वालों पर लागू होगा उन्होंने कहा कि दंड के बतौर मौत की सजा का प्रावधान बहुत ही कम मामलों के लिए है।
उन्होंने कहा कि किसी पाइपलाइन के साथ छेड़छाड़ के पहली बार किये गये अपराध में छह महीने की सजा होगी लेकिन दोबारा ऐसी की गई गलती पर दंड की मात्रा को बढ़ जायेगी। लेकिन ऐसी अपराध बार-बार करने पर मौत तक की सजा हो सकती है। हांलाकि ऐसा हर मामले में नहीं होगा बात ज्यादा बढने पर ऐसा फैसला लिया जाएगा।












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