विश्व आर्थिक मंदी से बेहाल होगा भारत और चीन: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं 2012 विषय की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह जाएगी। जो 2010 में चार फीसद थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 का साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए करो या मरो का होगा। संयुक्त राष्ट ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक संकट के बाद दो साल में सुधार की गति काफी असमतल रही है और विश्व अर्थव्यवस्था एक बार फिर से मंदी के मुहाने पर आ खड़ी हुई है। दुनिया में इस समय एक और आर्थिक मंदी का जोखिम बढ़ गया है।
रिपोर्ट मंे कहा गया है कि खासकर यूरोप और अमेरिका के नीति निर्माताआंे की असफलता की वजह से बेरोजगारी का संकट दूर नहीं हो सका है। साथ ही वे रिण संकट से निपट नहीं सके हैं और वित्तीय क्षेत्रा की कमजोरी बढ़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष 2012-13 में काफी जोखिम की स्थिति रहेगी। इसमें कहा गया है कि भारत और चीन जैसे विकासशील देशों की वृद्धि दर 2012 में घटकर 5.6 फीसदी रह जाएगी, जो 2010 में 7.5 प्रतिशत थी। अभी ये देश विश्व अर्थव्यवस्था के इंजन बने हुए हैं।












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